दिल्ली पहुंचे अमरीकी विदेश का सुषमा स्वराज ने किया स्वागत, गुरूवार को होगी टू प्लस टू वार्ता

दिल्ली पहुंचे अमरीकी विदेश का सुषमा स्वराज ने किया स्वागत, गुरूवार को होगी टू प्लस टू  वार्ता

टू प्लस टू वार्ता में शामिल होने के लिए अमरीकी विदेश मंत्री नई दिल्ली पहुंच गए हैं।

नई दिल्लीः भारत और अमरीका के बीच पहली बार कल यानी गुरूवार को टू प्लस टू वार्ता होगी। इस वार्ता में शामिल होने के लिए अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियों के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को दिल्ली पहुंचा। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने माइक पोम्पियों का एयरपोर्ट पर गर्मजोशी से स्वागत किया। गुरूवार को होने वाली टू प्लस टू वार्ता में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की उनके समकक्ष माइक पोम्पियों और जिम मैटिस के बीच मुलाकात होगी। इस मुलाकात में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

टू प्लस टू से पहले पोंपियो ने दिया ये बयान
इस वार्ता से पहले अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियों ने कहा है कि रूसी प्रक्षेपास्त्र प्रणाली खरीद की भारत की योजना या उसके ईरान के साथ संबंध 2 प्लस 2 सामरिक वार्ता में प्रमुख मुद्दे नहीं होंगे। भारत को एक 'उचित सामरिक साझेदार' बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत में होने वाली बैठक वास्तव में बड़ी और सामरिक चीजों के बारे में हैं और यह 20, 40, 50 सालों तक जारी रहेगी और रक्षा मंत्री मैटिस और मैंने जिन विषयों पर चर्चा की है, उनके हल होने की उम्मीद है।

 

इन मुद्दों पर होगी चर्चा
माइक पोम्पियों ने कहा, "हमें उम्मीद है कि हम न सिर्फ कूटनीतिक और परस्पर सैन्य क्षेत्र के संबंधों को विस्तार दे सकते हैं, बल्कि साथ ही व्यापार क्षेत्र में बेहतर संबंध बना सकते हैं।" उन्होंने कहा, "एजेंडे में आधा दर्जन मुद्दे ऐसे हैं, जिन पर हम वास्तव में प्रगति चाहते हैं।" बता दें कि टू प्लस टू सामरिक वार्ता अमरीका के आग्रह पर दो बार स्थगित हो चुकी है। पहली बार इसे अप्रैल में विदेश विभाग का नेतृत्व रेक्स टिलरसन से पोंपियो को सौंपने के दौरान स्थगित किया गया था। उन्होंने कहा, "जुलाई में दूसरी बार मुझसे हुई गलती पर मुझे खेद है।" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप ने 2017 में वाशिंगटन में अपनी मुलाकात के दौरान सामरिक वार्ता का निर्णय लिया था।

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