सुप्रीम कोर्ट आधार की वैधानिकता पर बुधवार को सुनाएगा फैसला

सुप्रीम कोर्ट आधार की वैधानिकता पर बुधवार को सुनाएगा फैसला

जनवरी में इस मामले पर सुनवाई शुरू हुई थी। मैराथन बहस के बाद मई में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।

सुप्रीम कोर्ट आधार कार्ड की वैधानिकता को लेकर बुधवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाने जा रहा है। आधार की वैधानिकता को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही थी। सुप्रीम कोर्ट ने अपनी 40 दिन की मैराथन सुनवाई के बाद इस पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। मामले की सुनवाई जनवरी में शुरू हुई थी। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई में पांच जजों की बेंच ने सुनवाई की थी।

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बता दें, आधार की वैधानिकता को याचियों के एक समूह की ओर से चुनौती दी गई थी, जिसकी अगुवाई हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज के पुट्‌टास्वामी कर रहे थे। उन्होंने इसे इस आधार पर चुनौती दी थी कि इससे आम नागरिक की निजता के अधिकार का उल्लंघन हो रहा है। इस पर करीब चार महीने तक बहस चली थी। मैराथन बहस के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मई में फैसला सुरक्षित रख लिया था।

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नरेंद्र मोदी सरकार सबके लिए आधार अनिवार्य करने पर काम कर रही है। इसे सभी तरह के वित्तीय लेन-देन में भी अनिवार्य किए जाने पर विचार किया जा रहा है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला केंद्र सरकार के लिए वित्तीय और सामाजिक तौर और भी महत्वपूर्ण होगा। इससे सरकार को लोक-भलाई के लिए चलाई जाने वाली योजनाओं से को कार्यान्विंत करने और उन पर निगरानी रखने में आसानी रहेगी।

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वर्तमान में आधार की जरूरत बैंक अकाउंट खुलवाने और मोबाइल फोन कनेक्शन लेने के लिए अवश्यक की गई है। जानकारों के अनुसार- अगर सारे बैंक अकाउंट आधार से लिंक हो जाएंगे, तो कई तरह के फ्रॉड अपने आप बंद हो जाएंगे। सरकार को इस बीच यह निर्णय भी लेना है कि क्या आधार कार्ड प्राइवेसी के अधिकार का हनन है, जो संविधान के मुताबिक किसी भी नागरिक का आधारभूत अधिकार है।

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