वीडियो: प्रदूषण में छोटे कणों की मौजूदगी से ग्‍लूकोमा होने का खतरा ज्‍यादा

ग्लू ग्लूकोमा एक न्यूरोडीजेनरेटिव बीमारी है।

By: Dhirendra

Updated: 27 Nov 2019, 12:22 PM IST

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नई दिल्ली। हाल ही में हुए एक अध्ययन में खुलासा हुआ है कि सूक्ष्म कणों से प्रदूषित क्षेत्र में रहने वाले लोगों को प्रदूषित क्षेत्र में रहने वालों की तुलना में ग्लूकोमा बीमारी से प्रभावित होने की संभावना 6 प्रतिशत ज्‍यादा होती है। इंवेस्टिगेटिव ऑप्थल्मोलॉजी एंड विजुअल साइंस 2019 में बताया गया है कि ग्लूकोमा अंधापन का प्रमुख कारण है। दुनिया भर में 60 मिलियन से अधिक लोगों को प्रभावित करता है। यह आमतौर पर आंख में तरल पदार्थ के दबाव के निर्माण से होता है, जिससे ऑप्टिक तंत्रिका को नुकसान होता है जो आंख को मस्तिष्क से जोड़ता है। ग्लूकोमा एक न्यूरोडीजेनरेटिव बीमारी है।

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