भारत ने ब्रिटिश कोर्ट को बताया माल्या ने कैसे किया फ्रॉड

अदालत में पेश किए दस्तावेज- कहा खुद पर खर्च कर लिया लोन का पैसा।

वेस्टमिंस्टर । कंपनी मामलों के मंत्रालय के अधीन आने वाले गंभीर अपराध जांच विभाग (एसएफआईओ) की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि शराब कारोबारी विजय माल्या ने बैंकों के साथ किए गए 9 हजार करोड़ के वित्तीय फर्जीवाड़े को छिपाने के लिए राजनीतिक गठजोड़ का फायदा उठाया था। ब्रिटेन में रह रहे माल्या के प्रत्यर्पण के लिए सोमवार को वेस्टमिंस्टर कोर्ट में सुनवाई हुई। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत में भारतीय दल ने माल्या पर 2,000 पेज का दस्तावेज जमा किया है, जिसमें उसकी गड़बडिय़ों की जानकारियां हैं। सुनवाई 15 दिसंबर तक चलेगी, जिसका फैसला जनवरी में सुनाया जाएगा।

ऐसे हुआ खुलासा
एसएफआईओ रिपोर्ट में बताया है कि किस तरह से माल्या बड़े नेताओं तक पहुंच का फायदा उठाकर नियमों का उल्लंघन करने के बावजूद बच गया। ये रिपोर्ट उन दस्तावेजों का हिस्सा हैं जो क्राउन प्रोसीक्यूशन सर्विस के पास जमा कराई गई हैं। यही एजेंसी ब्रिटिश कोर्ट में भारत की ओर से केस लड़ रही है। इस दस्तावेज में यूपीए सरकार के दौरान रहे दो केंद्रीय मंत्रियों और एक मुख्यमंत्री का भी नाम है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दस्तावेज में सबूत के तौर पर फरवरी 2009 में वित्त विभाग के बड़े अधिकारी को भेजा गया माल्या का ईमेल भी है। इसमें माल्या की ओर से उस अधिकारी को किंगफिशर के वित्तीय पुनर्गठन से संबंधित प्रक्रिया की अनुमति का जिक्र है।

गलत हैं आरोप: माल्या
सुनवाई के लिए कोर्ट पहुंचे माल्या ने मीडिया से कहा- मैं पहले भी कह चुका हूं फिर कह रहा हूं, मैंने कुछ गलत नहीं किया है। अदालत में मेरे ऊपर जो भी आरोप लगाए गए हैं वह सब गलत हैं।

मोटर रेसिंग और बच्चों पर खर्च कर दिए पैसे
सुनवाई के दौरान भारत सरकार की ओर से कहा गया कि माल्या ने कर्ज तो किंगफिशर के नाम पर लिया था लेकिन खर्च अन्य कामों पर कर दिया। बताया कि माल्या ने कर्ज के पैसे को मोटर रेसिंग और बच्चों पर खर्च किए। इतना ही इसी पैसे से दो कारपोरेट जेट भी किराए पर लिए, जिनका वह निजी तौर पर इस्तेमाल करते थे।

Navyavesh Navrahi
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