विशाखापट्टनम गैस लीक मामले में DGP का बयान, ये घटना एक हादसा थी

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- विशाखापट्टनम गैस लीक ( Visakhapatnam gas leak ) मामले में अभी तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है

- अभी भी 800 लोग अस्पताल में भर्ती है

नई दिल्ली। विशाखापट्टनम गैस लीक ( Visakhapatnam gas leak ) हादसे में मृतकों की संख्या अब 11 हो चुकी है। आधी रात के बाद केमिकल प्लांट ( Chemical plant ) से लीक हुए गैस हादसे पर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। यह घटना लापरवाही थी या हादसा इन आशंकाओं के बीच आंध्र प्रदेश ( andhra pradesh ) के DGP दामोदर गौतम ने एक बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि LG पॉलीमर के स्वामित्व वाले इस केमिकल प्लांट में हर तरह के सेफ्टी प्रोटोकॉल फॉलो किए जा रहें थे। गैस लीक की घटना एक हादसा है।

फोरेंसिक टीम कर रही है घटनास्थल की जांच

अधिकारी ने बताया कि वेंकटपुरम गांव में फोरेंसिक टीम जांच के लिए भेजी गई है। यहीं वो केमिकल प्लांट स्थित है, जहां से गैस लीक हुई थी। फोरेंसिक इस ट्रैजेडी के कारणों का पता लगाएगी। आपको बता दें कि गुरुवार तड़के 2.30 बजे के आसपास इस केमिकल प्लांट से एक गैस लीक हुई। इसके चलते हजारों की संख्या में लोग प्रभावित हुए। करीब 800 लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि आसपास के 5 किमी दायरे के लोगों को वहां से निकाला जा रहा है।

यह एक एक्सीडेंट था: DGP आंध्र प्रदेश

समाचार एजेंसी ANI को दिए बयान में आंध्र प्रदेश के DGP ने कहा, 'यह एक एक्सीडेंट है। उन्होंने (केमिकल प्लांट) ने हर सेफ्टी प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया है। घटना की जांच जारी है। मौके पर फोरेंसिक टीम भी भेज दी गई है।' अधिकारी ने बताया कि घटना के कारण का पता लगाने के लिए जांच शुरू हो गई है।

कई लोगों की हालत अब ठीक

फिलहाल, गैस न्यूट्रीलाइज कर दिया गया है और गैस का रिसाव बन्द है। DGP ने बताया कि गैस के प्रभाव को कम करने के लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि भर्ती किये गए 800 लोगों में कई डिस्चार्ज किए जा चुके हैं।

Kapil Tiwari
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