Tractor Rally: हिंसा के लिए मोदी सरकार पर बरसे संजय राउत, कहा- ‘इसी दिन का इंतजार कर रहे थे क्या’

  • कृषि कानूनों के खिलाफ आज दिल्ली सीमाओं पर किसान आंदोलन का 62वां दिन है
  • किसानों ने आज दिल्ली में टैक्टर रैली निकाला था
  • ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली के कई इलाकों में हिंसा हो गई

नई दिल्ली। कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने आज दिल्ली में टैक्टर रैली निकाला था। लेकिन ये रैली शुरू होने के साथ ही हिंसक हो गई। कई किसान लाल किला परिसर में भी दाखिल हो गए। लाल किले पर कब्जा करने के साथ ही कुछ किसानों ने वहां पर निशान साहिब का झंडा भी फहरा दिया है। इसके बाद पुलिस को मजबूरन उनपर लाठीचार्ज और टियर गैस दागने पड़े।

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इस मामले को लेकर अब कई राजनीतिक पार्टियां सरकार पर निशाना साध रही है। इसी क्रम में शिवसेना के नेता संजय राउत ने भी मोदी सरकार पर हमला बोला है। राउत ने कहा कि, “जो कुछ भी हुआ वो न तो आंदोलनकारियों को शोभा देता है और न ही सरकार को। लेकिन जब ये सब हो रहा था तो सरकार क्या कर रही थी? क्या वे किसानों के सब्र का बांध टूटने का इंतजार कर रही थी?”

सरकार की वजह से आया ये ‘काला दिन’

संजय राउत ने कहा “ सरकार को पहले ही किसानों की भावनाएं समझकर तीनों कृषि कानून रद्द कर देना चाहिए था। सरकार ने अगर ऐसा कर दिया होता तो ये आज का ‘काला दिन’ नहीं आता।आज दिल्ली में जो कुछ हुआ वो मेरे लिए राष्ट्रीय शर्म से कम नहीं।” शिवसेना प्रवक्ता राउत ने कहा कि पूरे महाराष्ट्र के किसान भी मुम्बई आए थे, लेकिन यहां सब शांतिपूर्ण तरीके से हो गया लेकिन दिल्ली में ऐसा क्यों नहीं हो पाया।

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उन्होंने कहा, “इतनी बैठक के बाद आंदोलन में हिंसा हो गई। इसके लिए दोनों तरफ के लोग जिम्मेदार है। जब बाबरी मस्जिद गिरी थी तब भी प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को आश्वस्त किया था कि ऐसा नहीं कुछ नहीं होने वाला है. वहां भी इंटेलिजेंस की असफलता थी, यहां भी वैसा ही हुआ।”

कानून लोगों के लिए बनाए जाते हैं

शिवसेना नेता ने आगे कहा कि बाला साहेब ठाकरे हमेशा कहते थे कि कानून लोगों के लिए बनाए जाते हैं लेकिन जब लोग ही खुश नहीं हों तो ऐसे कानून किसके लिए ? सरकार को इसे पहले ही रद्द कर देना चाहिए था। उन्होंने कहा- “पिछले दो महीनों से चल रहा किसानों का आंदोलन पूरे विश्व मे नहीं हुआ. लेकिन आज अचानक क्या हुआ? क्या सरकार इस दिन का इंतजार कर रही थी? किसानों के सब्र का बांध टूटने का? ”

शिवसेना नेता ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि आज जो कुछ हुआ है लेगा? लोग कुछ होने के बाद इस्तीफा मांगने लगते हैं। अब इस हिंसा के लिए सोनिया गांधी, राहुल गांधी, ममता बनर्जी, उद्धव ठाकरे या फिर जो बाइडेन का इस्तीफा मांगे?

Vivhav Shukla
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