Coronavirus : जानिए, क्या है Social Distancing व इसके फायदे

Highlights-

-Coronavirus से बढ़ते मामले दुनियाभर में चिंता का विषय बने गए

-इलाज ढूंढने के लिए दुनिया भर के डॉक्टर और वैज्ञानिक रिसर्च पर लगे हुए हैं

- क्या आप जानते हैं सोशल डिस्टेंसिंग का मतलब क्या होता है

नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) से बढ़ते मामले दुनियाभर में चिंता का विषय बने हुए हैं। इसका इलाज ढूंढने के लिए दुनिया भर के डॉक्टर और वैज्ञानिक रिसर्च पर लगे हुए हैं। भारत में भी बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है। देश में कोरोनायरस के बढ़ते मामलों और गंभीर होते हालात के मद्देनजर प्रधानमंत्री ने गुरुवार को देश को संबोधित किया इस दौरान उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) यानि सामाजिक दूरी के उपाए संबंधित दिशा निर्देश जारी किए। पर क्या आप जानते हैं सोशल डिस्टेंसिंग का मतलब क्या होता है। इसका मतलब होता है एक-दूसरे से दूर रहना ताकि संक्रमण के ख़तरे को कम किया जा सके।


जानिए क्या होता है Social Distancing

जब कोरोना वायरस से संक्रमित कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है, तो उसके थूक के बेहद बारीक कण हवा में फैल जाते हैं। इनमें वायरस होते हैं, जो किसी दूसरे व्यक्ति को संक्रमित कर सकते हैं। फरवरी तक की आई रिपोर्ट्स के मुताबिक सोशल डिस्टेंसिंग के तरीके अपनाने वाले लोगों ने कोरोना वायरस के खतरे को काफी कम किया है। जबकि ऐसा न करने से कई देशों को बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ा है।


इन बातों का ध्यान रखें

ध्यान रहे कि खांसते और छींकते वक्त टिश्यू का इस्तेमाल करना, बिना हाथ धोए अपने चेहरे को न छूना और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचना इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इसी कारण कोरोना से बचने के लिए लोगों को एक जगह पर अधिक लोग इकट्ठा न होने देने, एक दूसरे से दूरी बनाए रख कर बात करने या फिर हाथ न मिलाने के लिए कहा जा रहा है।

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Ruchi Sharma
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