जानिए...लोन मोरेटोरियम को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने क्या कहा

बैंकिंग व देश की अर्थव्यवस्था के लिए हानिकारक होगा

  • पहले ही सरकार पैकेजों के राहत की घोषणा कर दी है
  • लोन मोरेटोरियम उधारकर्ताओं के क्रेडिट स्कोर प्रभावित

लोन मोरेटोरियम को आगे बढ़ाने को लेकर केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि छह महीने से आगे बढ़ाना संभव नहीं है। यह बैंकिंग व देश की अर्थव्यवस्था के लिए हानिकारक होगा। राजकोषीय नीतियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप नहीं कर सकती है। इसका दूरगामी दुष्प्रभाव पड़ेगा जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा नहीं होगा।

सरकार ने क्या कारण बताया
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चक्रवृद्धि ब्याज की छूट व ऋण पर विभिन्न क्षेत्रों को राहत देने पर शनिवार को हलफनामा दाखिल करने के दौरान कही। कहा कि पहले से ही सरकार ने वित्तीय पैकेजों के माध्यम से राहत की घोषणा कर दी है। उस पैकेज में और ज्यादा छूट जोड़ना संभव नहीं है।

क्रेडिट स्कोर पर भी पड़ेगा असर
आरबीआइ ने नए हलफनामे में कहा कि छह माह से अधिक की लंबी लोन मोरेटोरियम उधारकर्ताओं के क्रेडिट स्कोर को प्रभावित कर सकती है, जिसका असर भविष्य में छोटे लोन लेने वाले ग्राहकों पर पड़ सकता है। लोन मोरेटोरियम मामले को लेकर अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होनी है।

Ramesh Singh
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