विश्व ब्रेल दिवस: दिव्यांगों के नाम होगा इस बार 'वर्ल्ड बुक फेयर', होंगे ये खास आयोजन

इस बार पहली बार मेले में अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग फिल्म फेस्टिवल आयोजित किया जाएगा, जिसमें 27 देशों की 50 से अधिक डॉक्यूमेंट्री फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी।

नई दिल्ली। प्रत्येक वर्ष चार जनवरी को लुई ब्रेल के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में 'विश्व ब्रेल दिवस' मनाया जाता है। इसी के इर्द-गिर्द हर साल विश्व पुस्तक मेला का भी आयोजन किया जाता है। इस साल यह मेला 5 जनवरी से शुरू हो रहा है। हालांकि इस बार ये बाकी वर्षों से खास होने वाला है। दरअसल इस बार मेले की थीम 'दिव्यांगजनों की पठन आवश्यकता' रखी गई है। इस बारे में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी) के अध्यक्ष बल्देव भाई शर्मा ने जानकारी दी।

5 से 13 जनवरी के बीच मेला

इसका उद्देश्य दिव्यांगों के प्रति दयादृष्टि से हटाकर सम्मान और समानता का भाव जगाना है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर शनिवार को प्रगति मैदान में 27वें विश्व पुस्तक मेले का उद्घाटन करेंगे। गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अध्यक्ष ने कहा कि एनबीटी 5 से 13 जनवरी तक भारत व्यापार संवर्द्धन संगठन (आईटीपीओ) के साथ साझेदारी में यह मेला आयोजित कर रहा है। उनके मुताबिक इस बार मेले में 600 से अधिक प्रकाशक शामिल होंगे। इस बार विभिन्न भाषाओं की किताबों के करीब 1300 स्टॉल लगाने की योजना है।

टिकटें की गई सस्ती

अध्यक्ष के मुताबिक मेले में थीम के लिहाज से करीब 500 पुस्तके होंगी, जिसमें ब्रेल पुस्तकें, स्पर्शनीय पुस्तकें, आडियो पुस्तकें, आटिस्टिक बच्चों और मनोवैज्ञानिक समस्याओं पर आधारित पुस्तकें शामिल हैं। उन्होंने अपनी बयान में आगे कहा कि पुस्तक प्रेमियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस बार मेला की टिकटें सस्ती कर दी गईं। इस बार सिर्फ 10 और 20 रुपये में ही टिकट उपलब्ध होगा। यही नहीं दिव्यांग जनों, वरिष्ठ नागरिकों और स्कूली बच्चों की एंट्री मुफ्त होगी।

अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग फिल्म फेस्टिवल का आयोजना

उन्होंने कहा कि इस बार पहली बार मेले में अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग फिल्म फेस्टिवल आयोजित किया जाएगा, जिसमें 27 देशों की 50 से अधिक डॉक्यूमेंट्री फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी। इसमें पाकिस्तान, अबूधाबी, कनाडा, चीन, मिस्र, फ्रांस, जर्मनी, कीनिया, ईरान, जापान, इटली, मैक्सिको,पोलैंड, सउदी अरब, सिंगापुर, स्पेन, श्रीलंका, और अमरीका सहित 20 से अधिक देश और यूनेस्को आदि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां भी हिस्सा लेंगी।

Shweta Singh Content
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