जज विवाद के बहाने यशवंत सिन्हा ने सरकार पर साधा निशाना

जज विवाद के बहाने यशवंत सिन्हा ने सरकार पर साधा निशाना

जज विवाद में शिवसेना भी कूदी, कहा लोकतंत्र के सभी 4 स्तंभों को स्वंतत्रता से खड़ा रहना चाहिए।

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों की ओर से चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ शुक्रवार को मोर्चा खोल दिया था। इसे भले ही न्यायपालिका के अंदरखाने का मामला कहा जा रहा है, लेकिन इस विवाद से राजनीतिक दल भी अछूते नहीं रहे हैं। इस मौके को विपक्षी और पार्टी के बागी सरकार पर निशाना साधने के लिए कर रहे हैं। भाजपा में बागी रुख अपनाए वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने भी शनिवार को इस मौके का इस्तेमाल पार्टी पर निशाना साधने के लिए किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के मंत्रियों को भी डर से बाहर निकल कर जजों की तरह आवाज बुलंद करनी चाहिए। पार्टी के नेताओं और कैबिनेट में शामिल मंत्रियों को भी लोकतंत्र के लिए आवाज उठानी चाहिए।
यशवंत सिन्हा की ही तरह केंद्र और महाराष्ट्र सरकार में सहयोगी शिवसेना के मुखिया उद्धव ठाकरे ने भी इस मौके को मोदी सरकार पर हमला करने के लिए भुनाया। उन्होंने कहा कि कल जो कुछ हुआ, वह परेशान करने वाला है। सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जा सकती है, लेकिन हमें यह भी सोचना होगा कि उन्हें ऐसा कदम क्यों उठाना पड़ा। लोकतंत्र के सभी 4 स्तंभों को स्वंतत्रता से खड़ा रहना चाहिए, यदि वे एक दूसरे में गिरते हैं तो यह ध्वस्त हो जाएगा।

आपातकाल जैसा माहौल
यशवंत सिन्हा ने 4 जजों के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि मौजूदा हालात 1975-77 के दौरान लगे आपातकाल जैसे हो गए हैं। संसद के सत्र की अवधि कम किए जाने पर भी उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि यदि संसद के कामकाज से समझौता किया जा रहा है, सुप्रीम कोर्ट का काम सही से नहीं चल पा रहा है तो इसका अर्थ है कि लोकतंत्र खतरे में है। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यदि सुप्रीम कोर्ट के 4 सबसे सीनियर जज कहते हैं कि लोकतंत्र खतरे में है तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। लोकतंत्र के लिए महसूस करने वाले हर नागरिक को बोलना चाहिए। मैं पार्टी नेताओं और कैबिनेट के वरिष्ठ सदस्यों से भी कहूंगा कि वे अपनी आवाज बुलंद करें। मैं उनसे अपील करूंगा कि वे भय से निकलें और अपनी बात रखें। हालांकि सिन्हा ने कहा कि इस मामले से शीर्ष अदालत को खुद ही निपटना चाहिए। सिन्हा ने कहा कि जिस तरह से सर्वोच्च न्यायालय में मुख्य न्यायधीश पहले स्थान पर होता है, ठीक वैसे सही कैबिनेट के साथियों के बीच प्रधानमंत्री होता है।

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