सिर्फ 87 रुपए में बेच दिया 135 कमरों का पुश्तैनी महल

- इस मैरीनबर्ग महल का निर्माण 1867 में हुआ था।
- जर्मन शहर हनोवर के राजकुमार अर्नस्ट ऑगस्ट का है महल ।

बर्लिन । पुश्तैनी विरासत को संभालना आसान नहीं है। जर्मन शहर हनोवर के राजकुमार अर्नस्ट ऑगस्ट (66) को इसका एहसास हो गया है। अपना 135 कमरों का मैरीनबर्ग महल खोने के बाद उन्होंने कानून का सहारा लिया है। अर्नस्ट के 37 वर्षीय बेटे अर्नस्ट ऑगस्ट (जूनियर) ने महल महज एक यूरो (करीब 87 रुपए) में बेच दिया। ऑगस्ट ने ड्यूक पर केस किया है। उन्होंने महल वापसी के साथ बेटे पर गंभीर आरोप लगाए। बेटे ने आरोपों को खारिज किया है।

इस मैरीनबर्ग महल का निर्माण 1867 में हुआ था। राजकुमार ने महल व कैलनबर्ग एस्टेट 2000 के मध्य में अपने बेटे को सौंप दिए थे। 2018 में बेटे ने रियायती दरों में सरकार को मैरीनबर्ग महल बेचने की घोषणा की। ऑगस्ट (जूनियर) का कहना है कि महल में मरम्मत के लिए 23 मिलियन पाउंड की जरूरत पड़ रही थी। ऐतिहासिक धरोहर लंबे समय तक संरक्षित रह सके, इसलिए यह फैसला किया गया। सालभर में महल को करीब दो लाख लोग देखने आते हैं। जर्मनी की संसद मरम्मत के लिए 12 मिलियन पाउंड को मंजूरी देने के लिए वोट कर चुकी है। महल में लगीं करीब 2 मिलियन पाउंड की 100 तस्वीरें व कलाकृतियां हनोवर स्टेट म्यूजियम को सौंपी गई हैं।

राजकुमार लॉज में रहने को मजबूर-
राजकुमार अर्नस्ट ऑगस्ट ने कहा कि उनके बेटे ने उनकी पीठ पीछे यह सौदा किया। कोर्ट में उन्होंने अपनी संपत्ति वापस मांगी। बेटे पर अधिकारों और हितों के उल्लंघन का आरोप लगाया। अर्नस्ट ने यह भी कहा कि वह ऑस्ट्रिया के एक लॉज में रहने को मजबूर हैं। उन्हें बीमारी के बावजूद आर्थिक मदद नहीं दी जा रही है।

महारानी एलिजाबेथ के चचेरे भाई-
नो वर राजवंश अपना ताल्लुक यूरोप के सबसे महत्वपूर्ण मध्ययुगीन राजवंश गुल्फ से बताता है। 1866 में इन्होंने शाही खिताब खो दिया। प्रिंस अर्नस्ट अगस्त ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ के दूर के चचेरे भाई हैं।

विकास गुप्ता
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