पहली बार कोरोना के दो अलग-अलग वेरिएंट से संक्रमित महिला की पांच दिन में मौत, वैज्ञानिक चिंतित

वैज्ञानिकों ने खुलासा किया है कि कोरोना से बीमार पड़ने के बाद मरने वाली 90 वर्षीय महिला एक ही समय में यूके (ब्रिटेन) और दक्षिण अफ्रीकी वेरिएंट से संक्रमित पाई गई थीं।

नई दिल्ली। कोरोना महामारी से पूरी दुनिया जूझ रही है और इससे निपटने के लिए तेजी के साथ टीकाकऱण अभियान को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। लेकिन दुनियाभर में कोरोना के अलग-अलग वेरिएंट सामने आने के बाद से चिंताएं बढ़ी है। कोरोना के कई वेरिएंट अब तक सामने आ चुके हैं, जिनमें से कुछ बहुत ही खतरनाक हैं।

इन सबके बीच अब एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसको लेकर वैज्ञानिक भी चिंतित हैं। दरअसल, एक महिला में एक ही समय में कोरोना के दो अलग-अलग वेरिएंट पाए गए। दो अलग-अलग वेरिएंट सेसंक्रमित महिला की पांच दिनों में मौत हो गई। पूरी दुनिया में यह ऐसा पहला मामला है, जबकि किसी व्यक्ति में एक ही समय में कोरोना के दो अलग-अलग वेरिएंट पाए गए हैं। यह मामला बेल्जियम से सामने आया है।

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वैज्ञानिकों ने खुलासा किया है कि कोरोना से बीमार पड़ने के बाद मरने वाली 90 वर्षीय महिला एक ही समय में यूके (ब्रिटेन) और दक्षिण अफ्रीकी वेरिएंट से संक्रमित पाई गई थीं।

मृतक महिला ने नहीं लगवाया था टीका

जानकारी के अनुसार, मृतक महिला अपने घर पर अकेले रहती थीं और उनकी देखभाल एक नर्स करती थी। बताया जा रहा है कि महिला ने कोविड वैक्सीन का एक भी डोज नहीं लगवाया था। इस साल मार्च में जब उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई तो उन्हें एल्स्ट शहर में ओएलवी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच में महिला कोरोना पॉजिटिव पाई गई। हालांकि शुरुआती समय में महिला का ऑक्सीजन लेवल काफी अच्छा था, पर जैसे-जैसे समय बीतता गया उनका ऑक्सीजन लेवल गिरता गया और पांच दिनों के भीतर मौत हो गई।

महिला में पाए गए कोविड के ये दो अलग-अलग वेरिएंट

जब महिला की मौत हो गई और उनके शव की जांच की गई तो उससे जो परिणाम सामने आए उसे देख डॉक्टर व स्वास्थ्य अधिकारी हैरान रह गए। महिला कोरोना के दो अलग-अलग वेरिएंट (अल्फा और बीटा) से संक्रमित थी। बता दें कि अल्फा स्ट्रेन की शुरुआत ब्रिटेन से हुई थी और बीटा स्ट्रेन पहली बार दक्षिण अफ्रीका में पाया गया था।

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डॉक्टरों का कहना है कि यह पूरी दुनिया में अपनी तरह का पहला मामला है , जबकि किसी व्यक्ति में एक ही समय में दो अलग-अलग स्ट्रेन पाए गए हैं। ऐसा पहला मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों और डॉक्टरों ने चेतावनी जारी की है और कहा है कि अन्य लोग भी इसके शिकार हो सकते हैं, जो कि बेहद खतरनाक है। लिहाजा, तमाम कोविड प्रोटोकॉल और दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

जांच में जुटे शोधकर्ता

इस पूरे मामले में शोध का नेतृत्व करने वाले ओएलवी अस्पताल के आणविक जीवविज्ञानी ऐनी वेंकेरबर्गेन ने एक बयान में कहा, 'ये दोनों वेरिएंट उस समय (मार्च) बेल्जियम में मौजूद थे इसलिए यह संभावना है कि महिला दो अलग-अलग लोगों के अलग-अलग वायरस से संक्रमित हुई थी।'

हालांकि अभी हम ये नहीं जानते कि वह कैसे संक्रमित हो गईं। उन्होंने कहा कि ये कहना मुश्किल है कि क्या सह-संक्रमण ने रोगी की हालत तेजी से बिगड़ने में अहम भूमिका निभाई। वेंकेरबर्गेन ने कहा कि इससे पहले संक्रमण के 'अन्य मामले' सामने नहीं आए थे।

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उन्होंने कहा कि ज्ञात वेरिएंट म्यूटेशन का पता लगाने के लिए आरटीपीसीआर परीक्षण में तेजी लाना बेहद जरूरी है। फिलहाल, इस शोध को अभी मेडिकल जर्नल में प्रकाशित नहीं किया गया है। प्रकाशित करने से पहले इसे यूरोपियन कांग्रेस ऑफ क्लिनिकल माइक्रोबायोलॉजी एंड इंफेक्शियस डिजीज में पेश किया जाएगा।

Anil Kumar
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