क्या अंतरिक्ष में अचानक लंबे हो जाते हैं यात्री, जानिये क्या है मामला

क्या अंतरिक्ष में अचानक लंबे हो जाते हैं यात्री, जानिये क्या है मामला

इस जापानी एस्ट्रोनॉट ने पहले किया ये दावा, फिर मांगनी पड़ी माफी

लंदन। अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) में रह रहे एक जापानी अतरिक्षयात्री ने स्पेसयात्रा से जुड़ा एक अजीबो-गरीब दावा पेश किया। उनके मुताबिक वहां जाने के तीन हफ्तों में उनकी लम्बाई काफी बढ़ गई और उन्हें चिंता सता रही है कि अब वो पृथ्वी पर वापस आते वक्त सोयूज यान में फिट हो पाएंगे या नहीं। हालांकि यह दावा इतना हैरतअंगेज करने वाला था कि इसपर यकीन करना मुश्किल था। और अगले पोस्ट में यह साबित भी हो गया कि यह बात झूठी थी और उन्होंने इस दावे के लिए माफी भी मांगी।

बढ़ी लंबाई से चिंतित होकर किया पोस्ट
दरअसल अपने एक ट्विटर पोस्ट में जापानी ऐस्ट्रोनॉट लेफ्टिनेंट नोरीसिंगे कदाई ने कहा था कि वहां सिर्फ तीन हफ्तों में ही मेरी लंबाई करीब 9 सेंटीमीटर बढ़ गई और अब यह बढ़ी हुई लंबाई मेरी चिंता का सबब बन गया गया है। उन्होंने लिखा कि 'सभी को सुप्रभात। मैं आज एक बहुत बड़ी घोषणा करने जा रहा हूं। हमने अंतरिक्ष में आने के बाद अपने शरीर की लंबाई नापी और मैं वाकई 9 सेंटीमीटर तक बढ़ गया हूं। मैं सिर्फ 3 हफ्ते में इतना लंबा हो गया हूं। ऐसा हाई स्कूल के बाद कभी नहीं हुआ। मैं थोड़ा डरा हुआ हूं कि क्या मैं वापसी के समय सोयूज यान में फिट हो पाऊंगा।'

बाद में मांगी माफी
इसके बाद ही उन्होंने अगले पोस्ट में इस दावे के लिए माफी मांगी और बताया कि यह खबर झूठी थी। उन्होंने अगले पोस्ट में लिखा कि 'गलत नापने की वजह से शायद ऐसा हुआ है, इसलिए मुझे इस भयंकर झूठी खबर के लिए माफी मांगनी चाहिए।' उन्होंने बताया कि जब अकस्मात इतने लामय होने वाली बात पर उनके कैप्टेन ने सवाल उठाया, तब उन्होंने दोबारा खुद को नापा और उसमे पता चला कि वो सिर्फ 2 सेंटीमीटर ही बढे हैं। बता देें कि कदाई पहले जापान के एक सेल्फ डिफेन्स फाॅर्स में बतौर मेडिकल अफसर नियुक्त थे।

क्यों थी चिंता
बता दें कि चूंकि सोयूज यान काफी छोटा होता है और उसमे यात्रा कर रहे सभी सदस्यों को काफी छोटी जगह में ही फिट होना पड़ता है, इसलिए ही अपने पहले पोस्ट में जापानी एस्ट्रोनॉट ने यान में फिट न हो पाने की चिंता जाहिर की थी।

औसतन अंतरिक्षयात्रिओं की लंबाई 2 से 5 सेंटीमीटर तक बढ़ना आम
गौरतलब है कि अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण लगभग शून्य होने के वजह से वहां लोगों की लम्बाई औसतन 2 से 5 सेंटीमीटर तक बढ़ने की बात कही जाती है। जिकी पृथ्वी पर वापस आने के बाद सामन्य भी हो जाती है। लेकिन ऐसा कभी सुनने में नहीं आया कि किसी अंतरिक्षयात्री कि लंबाई 9 सेंटीमीटर तक बढ़ गई हो।

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