RUSSIA PROTEST : दो दशक से सत्ता में बैठे रूसी राष्ट्रपति पुतिन के लिए खतरे की घंटी

-मुख्य प्रतिद्वंद्वी अलेक्सी नवालनी की सजा के विरोध में पिछले दिनों सडक़ों पर उतरे लोग (People on the streets in protest against the punishment of the main opposition leader alexei navalny)

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (vladimir putin) कठोर व्यवस्था, और कुशल प्रचार के बल पर दो दशक से सत्ता के शीर्ष पर काबिज हैं। जनता भी उनके शासन को अपना भाग्य मान बैठी, कभी आक्रोश उभरा तो दबा दिया गया। वर्ष 2000 में देश के सबसे बड़े टेलीविजन नेटवर्क का अधिग्रहण करने, 2011 में संसदीय चुनावों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और यूक्रेन के खिलाफ युद्ध छेडऩे का विरोध हुआ, लेकिन बेनतीजा रहा। अब हालात बदल रहे हैं। पिछले सप्ताह पुतिन के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी अलेक्सी नवालनी (alexei navalny) की गिरफ्तारी के विरोध में लाखों लोग देशभर में सडक़ों पर आ गए। कालिनिनग्राद से मॉस्को तक हाड़ कंपाने वाली ठंड के बीच लोगों ने पुलिस के बल प्रयोग और गिरफ्तारी के बावजूद सरकारी दफ्तरों, स्कूल-कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों पर उग्र प्रदर्शन हुए। एक ही दिन में रेकॉर्ड चार हजार लोगों को हिरासत में लिया गया, लेकिन प्रदर्शनकारियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। मॉस्को में एक प्रदर्शनकारी ने कहा, मैंने अपने और नवालनी के साथ ही अपने बच्चों के लिए भी कुछ नहीं किया, क्योंकि पुतिन के शासन में कोई भविष्य नजर नहीं आता।

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युवा पीढ़ी ने सिर्फ पुतिन को देखा ( younger generation saw only Putin)
एक सर्वेक्षण के मुताबिक आंदोलनकारियों की औसत उम्र 31 वर्ष बताई गई है। इनमें से अधिकांश लोग ऐसे हैं, जिनकी जवानी पुतिन को देखते हुए बीती है। जिन्होंने कभी मुक्त राजनीतिक व्यवस्था नहीं देखी, जिन्होंने दशकों से पुतिन के चेहरे को ही टीवी पर देखा है। सत्ता का अर्थ पुतिन को ही समझा। उन्हें (आंदोलनकारी) जब तक पुतिन सत्ता पर काबिज हैं, खुद या अपने परिवार या देश के लिए कोई संभावना नजर नहीं आती। हाल ही एक अन्य सर्वेक्षण में सामने आया है कि महज 20 फीसदी युवाओं ने पुतिन का समर्थन किया है। बदलाव की बयार अब नाटकीय मोड़ पर आ पहुंची है।

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1.4 अरब डॉलर में बन रहा पुतिन का महल (Putin's palace is being built for $ 1.4 billion)
नवालनी की सजा का विरोध ही एकमात्र वजह नहीं है। नवालनी के जेल जाने के बाद उनकी टीम ने एक खोजी डॉक्यूमेंट्री जारी की, जिसमें बताया गया कि काला सागर तट सरकारी खर्चे से पुतिन ने निजी उपयोग के लिए भव्य महल बनवाया है। जहां बेशुमार खर्च कर कैसिनो, स्केटिंग रिंग, स्पा, स्वीमिंग पूल, एक्वा डिस्को, वाइनरी और हेलीकॉप्टर का हेलीपैड बनवाया गया है, जबकि यह क्षेत्र नो फ्लाइ जोन में आता है। इसकी लागत 1.4 अरब डॉलर बताई जा रही है। जिस देश में दो करोड़ की आबादी गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करती हो, 23 फीसदी आबादी के पास सीवेज सिस्टम तक नहीं हो, ऐसे में सरकारी धन का इतना दुरुपयोग असंतोष का कारण तो बनेगा। नवालनी की इस फिल्म को एक दिन में ही एक करोड़ लोगों ने देखा, जो रूस के सभी टीवी चैनलों के कुल दर्शकों की संख्या से भी अधिक है। पुतिन की इस सच्चाई के बाद उभर रहा जनाक्रोश उनकी प्रचार मशीनरी के नियंत्रण से बाहर हो गया।

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