कैंसर से जंग जीतने के बावजूद कोरोना से नहीं बच सका जेफ्री, दो हफ्तों में ही हो गई मौत

Highlights

  • मात्र 34 वर्ष की उम्र में जेफ्री की मौत हो गई।
  • डिज्नी वर्ल्ड स्टूडियो और यूनिवर्सिल स्टूडियो घूमकर आया था।
  • साल 2016 में उसे टेस्टीकुलर कैंसर हुआ था।

वाशिंगटन। कैंसर से जंग जीत चुका एक शख्स कोरोना वायरस (Coronavirus)से खुद को बचा नहीं सका। एक शख्स के कोरोना वायरस की चपेट में आने से मात्र दो हफ्तों में मौत हो गई। इस मामले ने डॉक्टरों को भी हैरान कर दिया है। ये अपने तरह का एकलौता मामला है, जिसमें कैंसर सरवाइवर की कोरोना वायरस की चपेट में आने से मौत हो गई। ऐसा भी नहीं हैं कि ये शख्स ज्यादा उम्र का था। मात्र 34 वर्ष की उम्र में उसकी मौत हो गई।

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मीडिया रिपार्टे अनुसार 34 वर्षीय जेफ्री गजैरियन को कोरोना वायरस का संक्रमण हुआ था। दो हफ्ते पहले ही वो डिज्नी वर्ल्ड स्टूडियो और यूनिवर्सिल स्टूडियो घूमकर आया था। उसी दौरान वो बीमार पड़ा और संक्रमण के सिर्फ दो हफ्तों में उसकी मौत हो गई।

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बहन लौरीन ने सबसे पहले यह सूचना दी

कैलिफोर्निया में रहने वाली जेफ्री की बहन लौरीन ने शुक्रवार को सबसे पहले यह सूचना दी। शुक्रवार को फेसबुक पर उसके वायरस के संक्रमण में आने की जानकारी दी थी। जेफ्री ने सबसे पहले दो मार्च को लॉस एंजिल्स से ऑरलैंडो,फ्लोरिडा के लिए उड़ान भरी थी। इसके बाद वो अपने दोस्तों के साथ मौज—मस्ती के लिए दो दिन के डिज्नी वर्ल्ड और यूनिवर्सल स्टूडियो की यात्रा पर गया।

उसे आठ मार्च को खासी की समस्या सामने आई। अगले ही दिन उसे खांसी के साथ खून आने लगा। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने पहले इसे निमोनिया समझा और उसे एंटीबॉयटिक्स दी गई। उसे आइसोलेशन में रहने को कहा गया। इसके बाद उसका कोरोना टेस्ट किया गया, जिसमें वह पॉजिटिव पाया गया।

अस्थमा और ब्रोंकाइटिस की शिकायत थी

जेफ्री के परिवार के मुताबिक उसे अस्थमा और ब्रोंकाइटिस की शिकायत थी। उसी रात उसे अस्पताल ले जाया गया। कोरोना वायरस ने उसे बुरी तरह से जकड़ रखा था। दिन पर दिन उसी हालत खराबा होती चली गई। साल 2016 में उसे टेस्टीकुलर कैंसर हुआ था। ऑपरेशन के बाद उसने कैंसर को हरा दिया था। वो कैंसर का शिकार होने से बच गया लेकिन कोरोना वायरस से नहीं बच पाया।

हालत को खराब होते देख, उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। यहां पर उसे सांस लेने में गंभीर दिक्कत होने लगी। गुरुवार को जेफ्री की सांस टूटने लगी। उसे परिवार वाले डॉक्टरों से परामर्श ले रहे हैं। मगर उन्हें को जवाब नहीं मिल रहा था। आखिरकार गुरुवार को रात को उसने अंतिम सांसें लीं।

Mohit Saxena
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