Australia ने चीन और रूस पर लगाया झूठ बोलने का आरोप, कहा- दुनिया में भ्रम फैला रहे

Highlights

  • ऑस्ट्रेलिया (Australia) की विदेश मंत्री ने आरोप लगाया कि कोरोना वायरस से संबंधित गलत सूचनाएं फैला रहे हैं।
  • दोनों देश कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर फैले भय को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।

कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया (Australia) की विदेश मंत्री ने आरोप लगाया है कि चीन (China) और रूस (Russia) कोरोना वायरस से संबंधित गलत सूचनाएं फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंटरनेट पर गलत जानकारी देकर वह पूरी दुनिया में भ्रम फैला रहे हैं।

उन्होंने कहा कि दोनों देश संक्रमण को लेकर फैले भय को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। वह इसका इस्तेमाल अपने फायदे के लिए कर रहे हैं। इससे पहले अमरीका भी आरोप लगा चुका है कि चीन कोरोना वायरस से जुड़ी जानकारियों को देने में आनाकानी कर रहा है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने भी माना है कि चीन ने कोरोना से जुड़ी जानकारियां देरी से दीं।

विदेश मंत्री मैरिस पायने ने 'ऑस्ट्रेलिया नेशनल यूनिवर्सिटी' में अपने संबोधन में कहा कि जब दुनिया को सहयोग की आवश्यता होती है, तब गलत सूचना के कारण भय का माहौल पैदा किया जाता है। पायने ने चिंता व्यक्त कर कहा कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी को लेकर गलत सूचना दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह परेशानी की बात है कि कुछ देश उदारवादी लोकतंत्रों को कमजोर करने की कोशिश में लगे हुए हैं।

पायने ने यूरोपीय संघ आयोग की बीते सप्ताह की रिपोर्ट का जिक्र किया, इसमें कहा गया है कि 'विदेशी तत्व और रूस एवं चीन जैसे कुछ देश' यूरोप में 'गलत सूचना वाली मुहिम' चला रहे हैं. उन्होंने बीमारी के उपचार के लिए ब्लीच पीने की सलाह देने और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए हाथ धोने से कोई फायदा नहीं होने जैसी खतरनाक गलत सूचना के प्रसार का हवाला दिया.

चीन को दिया था कड़ा संदेश

इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा था कि वह चीन से डरने वाले नहीं हैं। चीन ने ऑस्ट्रेलिया के कुछ निर्यात पर रोक लगा दी थी और चीनी टूरिस्ट्स और स्टूडेंट्स से ऑस्ट्रेलिया न जाने की सलाह दी गई है। दरअसल, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपियन यूनियन ने वर्ल्ड हेल्थ असेंबली से कोरोना वायरस महामारी की स्वतंत्र जांच के समर्थन की मांग की थी। वहीं चीन के शिक्षा मंत्रालय ने छात्रों को ऑस्ट्रेलिया न जाने की सलाह दी है।

पीएम के अनुसार, 'हम एक ओपन-ट्रे़डिंग नेशन हैं, लेकिन हम दबाव की स्थिति में कभी भी मूल आदर्शों से सौदा नहीं करेंगे। चीन ने ऑस्ट्रेलिया से बीफ आयात रोक दिया था और ऑस्ट्रेलिया से आने वाले जौं पर टैरिफ लगा दिया था। चाइनीज पर्यटकों से भी ऑस्ट्रेलिया नहीं जाने के बारे में सोचने को कहा गया था। दोनों केसों में बीजिंग ने कहा कि ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि एशियाई लोगों के खिलाफ यहां पर नस्लभेदी हमला होता है।

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Mohit Saxena
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