ब्रेक्सिट: EU में मतदान के बाद सांसदों ने भावुक होकर ब्रिटेन को दी विदाई, एक हफ्ते में पूरी होगी प्रक्रिया

  • 31 जनवरी को ब्रिटेन के यूरोपियन संघ से निकलने की आखिरी तारीख
  • भावुक होकर ब्रिटेन को यूरोपियन यूनियन के सांसदों ने दी विदाई

लंदन। ब्रेक्सिट ( Brexit ) को लेकर आखिरकार अंतिम पड़ाव आ गया और यूरोपियन यूनियन ( European Union ) में मतदान के साथ ही ब्रिटेन का EU से अलग होने का रास्ता भी साफ हो गया। कल यानी शुक्रवार 31 जनवरी को ब्रिटेन ( Britain ) के यूरोपियन संघ से निकलने की आखिरी तारीख है।

बुधवार को यूरोपियन यूनियन ने एक लंबी बहस और चर्चा के बाद इसपर मतदान कराया, जिसमें ब्रेक्सिट सौदे ( Brexit Deal ) को मंजूरी दे दी गई। मतदान के दौरान EU की संसद में कई सांसद भावुक नजर आए तो कई के आंखों में आंसू थे। पूरे सदन का माहौल गमगीन था।

ब्रेक्सिट पर EU और ब्रिटेन में बनी सहमति, पीएम बोरिस जॉनसन ने किया ऐलान

सदन को संबोधित करते हुए कई सांसदों ने रोते हुए ब्रिटेन को विदाई दी और कहा कि वे एक दिन फिर से हमारी टीम में वापस आएंगे। बता दें कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ( UK PM Boris Johnson ) काफी लंबे समय से ब्रेक्सिट सौदे को पूरा करने की कोशिश कर रहे थे।

समर्थन में पड़े 621 वोट

बुधवार को मतदान के दौरान ब्रिटेन के EU से अलग होने के लिए मतदान कराया गया, जिसमें 621 सांसदों ने समर्थन में वोट किया जबकि विरोध में 49 सदस्यों ने वोट किया।

मतदान के दौरान संसद के प्रेसिडेंट डेविड ससोली ने कहा कि ब्रिटेन को विदा करना मुश्किल है, पर हमेशा यूरोप का हिस्सा रहेगा। आप हमेशा हमारे साथ हैं। मतदान के बाद सांसदों ने ब्रिटेन के लिए Auld Lang Syne कविता गाई और अलविदा किया।

ब्रेक्जिट पर पीएम जॉनसन को मिला सांसदों का साथ, 31 जनवरी तक ब्रिटेन के EU से अलग होने का रास्ता साफ

इससे पहले ब्रेक्सिट को लेकर 10 डाउनिंग स्ट्रीट पर तैयारियां पूरी हो चुकी है। ब्रेक्सिट को यादगार बनाने के लिए 10, डाउनिंग स्ट्रीट को लाइट से सजाया गया है और एक बड़ी से घड़ी लगाई गई है जिसमें उलटी गिनती होगी।

European Union

ब्रिटेन: ब्रेक्जिट विधेयक को संसद से मिली मंजूरी, EU से बाहर निकलने का रास्ता साफ

31 जनवरी को पार्लियामेंट स्क्वायर के सभी फ्लैग पोल पर ब्रिटेन का झंडा फहराया जाएगा। इसके अलावा लंदन के ऐतिहासिक घंटाघर (Clock Tower) को भी सही कराया गया है। सरकार ने दावा किया था कि एक दिन के लिए इसे सर्विस में लाने के लिए 5,00000 पौंड का खर्च किया जा रहा है।

क्या है ब्रेक्जिट?

ब्रेक्सिट को लेकर कई अहम सवाल लोगों के मन में अभी होंगे। इसमें सबसे महत्वूर्ण सवाल ये है कि आखिर ब्रेक्सिट क्या है और ब्रिटेन क्यों यूरोपीय यूनियन से बाहर निकलना चाहता है?

बता दें कि यूरोपीय यूनियन 28 देशों का एक समूह है। सभी देशों के बीच एक अहम समझौता है, जिसके तहत इन देशों के नागरिक बिना किसी रोक-टोक के कहीं भी आ-जा सकते हैं और काम कर सकते हैं। साथ ही ये देश आपस में मुक्त व्यापार ( Free Trade ) कर सकते हैं।

लेकिन अब ब्रिटेन इससे बाहर निकलना चाहता है। ब्रिटेन 1973 में यूरोपीय संघ में शामिल हुआ था। 31 जनवरी को ब्रिटेन यूरोपीय यूनियन से बाहर निकलने वाला पहला देश होगा। ब्रिटिश नागरिकों को यूरोप के किसी देश में जाने के लिए वीज़ा की जरूरत नहीं पड़ती थी, लेकिन अब 2021 में इसके लिए एक ETIAS लेना जरूरी होगा।

Video: ब्रेक्सिट के खिलाफ ब्रिटेन में विरोध प्रदर्शन तेज, 31 अक्टूबर है डेडलाइन

इससे पहले 23 जून, 2016 में ब्रेक्सिट को लेकर एक रेफरेंडम कराया गया था जिसमें 52 फीसदी लोगों ने समर्थन में मतदान किया था। वहीं बीते 12 दिसंबर को हुए आम चुनाव को भी एक रेफरेंडम की तरह ही देखा गया, क्योंकि बोरिस जॉनसन ने साफ कह दिया था कि यदि वे जीत कर आते हैं तो 31 जनवरी को किसी भी कीमत पर ब्रिटेन यूरोपीय यूनियन से अलग हो जाएगा। इस चुनाव में बोरिस जॉनसन की अगुवाई में पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी।

Read the Latest World News on Patrika.com. पढ़ें सबसे पहले World News in Hindi पत्रिका डॉट कॉम पर. विश्व से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर.

Show More
Anil Kumar
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned