भारत के बाद अब ब्रिटेन चंद्रमा पर भेजेगा लैंडर, NASA ने की है फंडिंग

भारत के बाद अब ब्रिटेन चंद्रमा पर भेजेगा लैंडर, NASA ने की है फंडिंग

Anil Kumar | Updated: 12 Oct 2019, 11:07:43 PM (IST) विश्‍व की अन्‍य खबरें

  • संभावना जताई जा रही है कि ब्रिटेन जून-जुलाई 2021 में रोवर को चंद्रमा पर भेजेगा
  • ब्रिटेन के इस चंद्र मिशन की फंडिंग अमरीकी स्पेस एजेंसी नासा ने की है

वाशिंगटन। दुनिया भर के वैज्ञानिक चांद के रहस्यों को पता करने में जुटे हुए हैं और काफी हद तक कामयाबी भी मिली है। चंद्रमा के कई रहस्यों के बारे में वैज्ञानिकों को जानकारी मिली है। लेकिन पृथ्वी से परे किसी दूसरे ग्रह या उपग्रह में जीवन की तलाश में जुटे वैज्ञानिक लगातार जानकारियां जुटा रहे हैं।

इसी कड़ी में भारत ने भी चंद्रयान-2 को लॉन्च किया था। हालांकि चंद्रायान 2 के लैंडर विक्रम का चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग से कुछ सेकेंड पहले ही संपर्क टूट गया और मिशन अधूरा रह गया। फिलहाल अभी भी इसरो (ISRO) के वैज्ञानिक विक्रम से संपर्क करने की कोशिश में लगे हैं।

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इन सबके बीच अब एक और देश ने चांद में लैंडर भेजने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसे लेकर पूरी दुनिया के वैज्ञानिक उत्साहित हैं और उसपर पैनी नजर बनाए हुए हैं।

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2021 में ब्रिटेन भेजेगा रोवर

बता दें कि ब्रिटेन चंद्रमा पर एक रोवर भेजने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए वैज्ञानिकों ने एक छोटा सा रोबोट चंद्र लैंडर तैयार किया है। यह लैंडर बिल्कुल मकड़ी की तरह दिखता है।

जो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक, ब्रिटेन का यह लैंडर अब तक के भेजे गए सभी लैंडरों में सबसे छोटा होगा। ब्रिटेन इसे 2 साल बाद यानी की 2021 में भेजेगा।

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इस रोवर की खासियत यह है कि इसमें पहिया नहीं, बल्कि पैर लगाए गए हैं। आशा की जा रही है कि इसे सफलतापूर्व लैंड करा लिया जाएगा और यदि लैंड करने में सफल रहा तो अमरीका, रूस और चीन के बाद चंद्रमा पर रोवर की सफल लैडिंग कराने वाला ब्रिटेन चौथा देश बन जाएगा।

ब्रिटेन के इस मिशन की फंडिग नासा ने की

बता दें कि ब्रिटेन के इस मिशन की फंडिंग अमरीकी स्पेस एजेंसी नासा (NASA) ने की है। नासा की ओर से मई में तीन फर्मों को चंद्र लैंडर्स बनाने के लिए फंड अवार्ड किया था, जिनमें एक एस्ट्रोयोटिक और दो अन्य फर्में शामिल हैं।

नासा ने एस्ट्रोयोटिक कंपनी से कहा था कि ऐसा लैंडर रोवर डिजाइन करें जो एक साथ 14 उपकरण और 14 पेलोड ले जाने में सक्षम हो। अब इसी तर्ज पर ब्रिटेन की स्टार्ट-अप अंतरिक्ष कंपनी SpaceBit ने इस रोवर को डिजाइन किया है।

अब ऐसी संभावना जताई जा रही है कि ये रोवर जून या जुलाई 2021 में चांद पर मारे सेरेनीटिस - सी ऑफ सीरिटी के क्षेत्र के पास उतर सकता है।

इस तरह से काम करेगा रोवर

ब्रिटेन ने अपने इस रोवर को इस तरह से डिजाइन किया है, जिससे इसे हर समय ऊर्जा मिलते रहे। यानी की यह बैटरी से चलेगा, लेकिन इसमें सोलर पैनल भी लगा रहेगा, जिससे उसमें लगी बैट्रियां सूर्य से ऊर्जा प्राप्त करती रहे।

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इस लैंडर में दो कैमरे लगे होंगे, जो रोबोट सेल्फी लेने में मदद करेंगे। SpaceBit ने कहा है कि इस लैंडर में पहिए की जगह पैर लगाए गए है क्योंकि भविष्य के मिशनों में रोबोट को लैंड करने के बाद लावा टयूबों में प्रवेश करवाया जाएगा, जो कि इससे पहले संभव नहीं था। अब इसी को ध्यान में रखते हुए नए रोवर का डिजाइन किया गया है।

इस मिशन के जरिए चंद्रमा की सतह के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। लावा ट्यूबों में पहुंच कर वहां के वातावरण का पता लगा जाएगा।

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