कॉल सेंटर के जरिए दो हजार अमरीकी नागरिकों से 55 लाख डॉलर की धोखाधड़ी

कॉल सेंटर के जरिए दो हजार अमरीकी नागरिकों से 55 लाख डॉलर की धोखाधड़ी

अमरीका में गुरुवार को घोटाले में शामिल होने के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया

शिकागो। अमरीकी नागरिकों से कॉल सेंटर के जरिए लाखों डॉलर की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस मामले में 15 लोग और भारत की पांच बीपीओ कंपनियों को शुक्रवार रात आरोपित किया गया। इनमें भारतीय मूल के लोग भी शामिल हैं। अमरीका में गुरुवार को घोटाले में शामिल होने के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस घोटाले में दो हजार से ज्यादा अमरीकी नागरिकों से करीब 55 लाख डॉलर की धोखाधड़ी की गई थी।

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मैजिस्ट्रेट के समक्ष आरोपित किया

इन्हें शुक्रवार को अमेरिकी मैजिस्ट्रेट के समक्ष आरोपित किया गया। उन्होंने बताया कि सात प्रतिवादियों और भारत के पांच कॉल सेंटरों को उनकी कथित संलिप्तता के लिए आरोपित किया गया है। अमरीकी अटर्नी ब्यूंग जे के अनुसार इन लोगों को आरोपित करने और हाल में हुई गिरफ्तारियों से फोन से किए गए इस घोटाले के पीछे के लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की हमारी प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है। कर प्रशासन में वित्त महानिरीक्षक जे.रसेल जॉर्ज ने बताया कि पांच कॉल सेटरों और भारत के सात आरोपियों को आरोपित करने से साफ हो गया है कि आईआरएस (IRS) प्रतिरूपण घोटाला एक नए स्तर पर पहुंच गया है।

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कर्मचारियों के घोटाले में शामिल के निर्देश

उन्होंने कहा कि इन षड्यंत्रकारियों ने अपने कर्मचारियों को घोटाले में शामिल होने के कथित रूप से निर्देश दिए थे। आरोप में कहा गया है कि भारत के अहमदाबाद स्थित कॉल सेंटरों के एक नेटवर्क समेत सह षड्यंत्रकारियों की एक योजना में प्रतिवादी शामिल थे। वर्ष 2012 से 2016 के बीच अहमदाबाद में स्थित कॉल सेंटरों से इंटरनल रेवन्यू सर्विस (IRS) या यूएस सिटिजन ऐंड इमिग्रेशन सर्विसेज (यूएससीआईएस) के अधिकारी बनकर अमरीकी नागरिकों से ठगी की गई।पुलिस के अनुसार अभी मामले की जांच जारी है।

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