इन खास हथियारों से पूरी दुनिया पर राज कर सकता है चीन, भारत और अमरीका के लिए बड़ा खतरा

इन खास हथियारों से पूरी दुनिया पर राज कर सकता है चीन, भारत और अमरीका के लिए बड़ा खतरा

वर्तमान में जब अमरीका और रूस के बीच हथियारों को लेकर होड़ मची हुई है, चीन बेहद खामोशी से अपने हथियारों का विकास कर रहा है

बीजिंग। चीन बीते कुछ सालों से दुनिया भर में हथियारों का सबसे खतरनाक खिलाड़ी बनकर उभरा है। वर्तमान में जब अमरीका और रूस के बीच हथियारों को लेकर होड़ मची हुई है, चीन बेहद खामोशी से अपने हथियारों का विकास कर रहा है। आंतरिक गतिरोध और भारत के साथ साथ कई अन्य पड़ोसी देशों के साथ समय समय पर पैदा होने वाले तनाव के चलते चीन 21वीं सदी की शुरुआत से ही हथियारों का विकास कर रहा है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में चीन ने अपनी सेना पर बहुत अधिक निवेश किया है। धीरे-धीरे यह दुनिया की सबसे मजबूत सैन्य ताकत बनने की ओर अग्रसर है।

हथियारों के संग्राम का सबसे बड़ा खिलाड़ी

अमरीकी रक्षा विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार 'चीन ने हाल के सालों में अपनी सेना के आधुनिकीकरकण के लिए बहुत अधिक मेहनत की है। रिपोर्ट के अनुसार चीन ने अपनी सेना को निखारने के लिए भारी निवेश किया है। यह हाल तब है जब अमरीका के आर्थिक विकास में कुछ गिरावट देखने को मिली है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन अपनी सेना को सभी मोर्चों पर मजबूत बनाने के लिए कई तरह के आधुनिक हथियारों का विकास कर रहा है। यही नहीं, चीन ने इन हथियारों को अपने बेड़े में शामिल किया है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पिछले साल दिसंबर में सोशल मीडिया पर इसकी बाबत कुछ तस्वीरें पोस्ट की गई। बताया जा रहा है कि चीन ने दक्षिण चीन सागर में आने वाली चुनौतियों के मद्देनजर अपने नौसेना को बेहद ताकतवर बना दिया है। इन दिनों चीन की नौसेना के पास युद्ध में इस्तेमाल होने वाला सबसे आधुनिक हथियार है। एक तरफ वह जहां अत्याधुनिक विमानवाहक पोत बना चुकी है वहीं, अमरीका तक पर निशाना साधने वाली सबसे सटीक मिसाइल भी तैयार की जा रही है।

पानी और जमीन पर जमेगी चीन की धाक

चीन 2025 तक युद्ध के मैदान में किसी भी देश से मोर्चा संभालने के लिए तैयार हो जाएगा। तमाम देशों से पहले चीन ने अपनी नौसेना को मजबूती देने में बढ़त हासिल कर ली है। चीन के सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स ने कहा है कि चीन के बन रहे हथियार घरेलू रूप से निर्मित विध्वंसक हथियार 055 की जगह ले सकते हैं। असल में चीन की कोशिश हर स्तर पर अमरीका को पीछा छोड़ने की है। मौजूदा दौर में अमरीका की इलेक्ट्रोमैगनेटिक गन तकनीक चीन के हथियार बाजार में उसके लिए मुख्य चुनौती है। अब चीन अमरीका को जहाज़ पर तैनात होने वाली रेल गन तकनीक में भी पछाड़ने की कोशिश कर रहा है। खबरों में कहा गया है कि आने वाले पांच से दस सालों में वह ऐसा करने में कामयाब हो भी जाएगा। चीन भी हाइपरसॉनिक हथियार तैयार कर रहा है।

हाइपरसॉनिक एयरक्राफ्ट का हो रहा है विकास

चीन अब हाइपरसॉनिक एयरक्राफ्ट का भी विकास कर रहा है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट में इस बात की जानकरी दी गई है कि यह एयरक्राफ्ट किसी भी तरह के मिसाइल डिफ़ेंस सिस्टम को धता बताने में कारगर है। परीक्षण के दौरान चीनी वेवराइडर शिनकोंग-2 बेहद सफल घोषित किया गया है। देशी तकनीक से विकसित यह वेवराइडर युद्ध के दौरान किसी भी तरह के एंटी-मिसाइल सिस्टम को भेदने में कामयाब है।

मदर ऑफ आल बॉम्ब्स

पिछले महीने इस बात की जानकारी दी गई थी कि चीन एक नए तरह का हवाई बम बना रहा है।इसे 'मदर ऑफ आल बॉम्ब्स नाम दिया गया है। चीन की हथियार इंडस्ट्री की प्रमुख कंपनी नोरिनको के एक वीडियो में दिखाया गया है कि इस बम को एच-6के बॉम्बर से आसमान से जमीन पर गिराया गया, इससे बहुत बड़ा धमाका हुआ। इस बम के बारे में फिलहाल बहुत अधिक जानकारियां नहीं दी गई हैं, लेकिन बताया जा रहा है कि यह चीन का सबसे ताकतवर नॉन न्यूक्लियर बम है।

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