Coronavirus को लेकर हुए कई अविष्कार, तीन दिन में बना दिया एंटी कोरोना इमरजेंसी वेंटिलेटर, खत्म होगा 95% खतरनाक वायरस

Highlights

-CORONAVIRUS महामारी के फैलने का सबसे बड़ा कारण यह है कि अब तक इसकी दवा का इजाद नहीं हो सका है

-कोरोना वायरस को मानव जाति के सामने पैदा हुआ सबसे बड़ा खतरा माना जा रहा है

नई दिल्ली. कोरोना वायरस का कहर लगातार जारी हैं। भारत में अब तक 500 से ज्यादा लोग इस खतरनाक बीमारी से संक्रमित हो चुके हैं। वहीं 9 लोगों की मौत हो गई हैं। इस महामारी के फैलने का सबसे बड़ा कारण यह है कि अब तक इसकी दवा का इजाद नहीं हो सका है। कोरोना वायरस को मानव जाति के सामने पैदा हुआ सबसे बड़ा खतरा माना जा रहा है। दुनिया भर में मेडिसिन क्षेत्र के विज्ञानिक इसकी कारगर दवाई बनाने में जुटे हुए हैं। वैज्ञानिक दिन रात मेहनत कर रहे हैं ताकि वैक्सीन बनाई जा सके। हर देश नए नए रिसर्च कर रहा है। नए- नए तरीकों पर काम कर रहा है। हालही में जर्मनी ने 3डी प्रिंटेड दरवाजे का हैंडल तैयार किया है।

वैसे कई देशों में कोरोना के वैक्सीन और दवा को लेकर रिसर्च जारी है। हालांकि अबतक इसका पुख्ता इलाज सामने नहीं आया है, लेकिन कई सारे शोधों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। अमेरिका में जहां वैक्सीन का मानव शरीर पर परीक्षण किया जा चुका है, वहीं दूसरी ओर भारतीय कंपनी सिप्ला और जापानी कंपनी टाकेडा फॉर्मा ने इसकी दवा बनाने के संबंध में दावा किया है। आइए जानते हैं कोरोना वायरस को लेकर अविष्कारों के बारें में...

हैकॉथान : बिना छू खुलेगा दरवाजा

जर्मनी ने कोरोना वायरस को लेकर एक हैकॉथान आयोजित किया है जिसमें 800 प्रोजेक्ट से अधिक प्रोजेक्ट पेश किए गए हैं। चार दिनों के लिए आयोजित इस हैकाथॉन में 42,869 लोगों ने हिस्सा लिया है और खास बात यह है लोगों ने इस हैकॉथन में घर बैठे ही हिस्सा लिया है। इस हैकॉथन में इनोवेटर वायर ग्रिफिथ्स ने खासतौर पर एक 3जी प्रिंटेड हैंडल तैयार किया है। इस हैंडल की खासियत यह है कि दरवाजा को खोलने के लिए दरवाजे के हैंडल को छूने की जरूरत नहीं है। इस 3डी प्रिंटेड आर्म को दरवाजे से अटैच किया गया है। बता दें कि 29 मार्च को ज्यूरी तय करेगी कि इनमें से किस प्रोजेक्ट को सरकारी फंडिंग दी जाए।

कोरोना सहित 95 फीसदी वायरस को खत्म करेगा ये मास्क

ब्रिटेन की वायरसटैटिक शील्ड नाम की कंपनी ने एक ऐसा मास्क तैयार किया है जो हवा में मौजूद वायरस को खत्म कर सकता है। कंपनी ने दावा है कि आमतौर पर बाजार में मौजूद फेस मास्क प्रदूषण और धूल के कण को रोकते हैं लेकिन यह मास्क हवा में मौजूद कोरोना सहित 95 फीसदी वायरस को खत्म कर देता है। कंपनी इस मास्क को बड़े लेवल पर तैयार कर रही है, ताकि ब्रिटेन को कोरोना जैसी महामारी से लड़ने में मदद मिले।

इमरजेंसी वेंटिलेटर घातक कणों को करेगा खत्म

ब्रिटेन के कार्मलथेन की ग्लैंगविली हॉस्पिटल के डॉक्टर रायन थॉमस ने इमरजेंसी वेंटिलेटर बनाया है। इस इमरजेंसी वेंटिलेटर की खास बात यह है कि यह भी कोरोना जैसे वायरस को खत्म करने में कारगर है। डॉक्टर रायन थॉमस का दावा है कि यह वेंटिलेटर हवा में मौजूद घातक कणों को खत्म करता है और आसपास की हवा को साफ करता है। रायन को इस वेंटिलेटर को बड़े लेवल पर तैयार करने के लिए सरकार मदद भी कर रही है।
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Ruchi Sharma
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