Germany ने Hong Kong के साथ प्रत्यर्पण संधि किया निलंबित, China ने बताया घरेलू मामलों में हस्तक्षेप

HIGHLIGHTS

  • जर्मनी ( Germany ) ने हांगकांग में ससंदीय चुनाव ( Hong Kong Legislative Council Elections ) को एक साल तक टाले जाने के खिलाफ आपत्ति जताते हुए अपनी प्रत्यर्पण संधि को निलंबित ( Germany Suspends Extradition Treaty With Hong Kong ) कर दिया है। जर्मनी के इस फैसले पर चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
  • बर्लिन स्थित चीनी दूतावास ( Chinese Embassy ) ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि जर्मनी ने अंतर्राष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन ( Violation of International Laws ) किया है।

बर्लिन। हांगकांग ( Hong Kong ) मामले पर चीन लगातार घिरता जा रहा है। अमरीका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ( USA, UK and Australia ) के बाद अब जर्मनी के साथ हांगकांग मसले पर चीन का विवाद बढ़ गया है। दरअसल, चीन के इशारे पर हांगकांग सरकार ने बीते दिन संसदीय चुनाव ( Hong Kong Parliamentary Elections ) को अगले साल तक के लिए टालने की घोषणा कर दी, जिसके बाद से कई देशों ने इसपर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

इसी कड़ी में जर्मनी ने भी चुनाव को एक साल तक टाले जाने को लेकर अब हांगकांग के साथ अपनी प्रत्यर्पण संधि को निलंबित ( Extradition Treaty Suspended ) कर दिया है। जर्मनी के इस फैसले पर चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इससे दो दिन पहले न्यूजीलैंड ने भी प्रत्यर्पण संधि को निलंबित कर दिया है।

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बर्लिन स्थित चीनी दूतावास ( Chinese Embassy ) ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि जर्मनी ने अंतर्राष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन किया है। इतना ही नहीं, इस निर्णय को उसके घरेलू मामलों में हस्तक्षेप बताया है। चीनी दूतावास ने कहा कि हमारे पास इस निर्णय के खिलाफ जवाबी कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित है।

चुनाव टाले जाने पर जर्मनी ने की आलोचना

हांगकांग में एक साल तक के लिए संसदीय चुनाव को टाले जाने को लेकर आपत्ति जताई है। जर्मनी के विदेश मंत्री हीको मास ( German Foreign Minister Heiko Maas ) ने कहा कि हांगकांग सरकार की ओर से विपक्षी दलों के 12 प्रत्याशियों को अयोग्य घोषित करना और संसदीय चुनाव एक साल तक स्थगित करना नागरिक अधिकारों का उल्लंघन है।

उन्होंने कहा कि हांगकांग में नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू होने के बाद से चार लोकतंत्र समर्थक आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया गया है। इस निर्णय से जर्मनी काफी चिंतित है। बता दें कि अभी हाल में चीन ने हांगकांग में नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून ( National security law ) को लागू किया है। इस कानून का व्यापक विरोध किया जा रहा है। अमरीका और ब्रिटेन ने पहले ही चीन को चेतावनी देते हुए कई कदम उठाए हैं। वहीं अब जर्मनी ने भी हांगकांग के साथ अपने प्रत्यर्पण समझौते को निलंबित करने का फैसला किया है।

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हीको मास ने कहा कि हम चाहते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय कानून ( International law ) के तहत चीन अपने दायित्व का पालन करे और हांगकांग के लोगों को बुनियादी कानून के तहत अधिकार और स्वतंत्रता दी जाए। इतना ही नहीं, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव भी कराए जाएं।

एक साल तक के लिए टला संसदीय चुनाव

मालूम हो कि बीते दिन चीन के इशारे पर ही हांगकांग सरकार ( Hong Kong Government ) ने अगले साल तक के लिए संसदीय चुनाव को टालने की घोषणा की थी। हांगकांग की नेता कैरी लाम ने ऐलान करते हुए कहा कि सरकार कोरोना वायरस ( Coronavirus ) के मद्देनजर बहुप्रतीक्षित विधान परिषद चुनावों को एक साल के लिए स्थगित कर रही है।

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कैरी ने कहा कि चुनाव स्थगित करने कि लिए एक आपातकालीन अध्यादेश ( Emergency Ordinance ) लागू किया जा रहा है और हांगकांग सरकार के इस फैसले का चीन का पूरी तरह से समर्थन है। उन्होंने आगे कहा कि मुझे आज जो घोषणा करनी पड़ी है, वह मेरे लिए पिछले सात महीने में सबसे मुश्किल फैसला रहा है, क्योंकि लोगों का स्वास्थ्य, उनकी सुरक्षा और चुनावों की निष्पक्षता सुनिश्चित करना हमारी पहली जिम्मेदारी और आवश्कता है।

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Anil Kumar
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