
आतंकी संगठन हिज्बुल्ला ने अमरीका को दी धमकी, कहा-हमें सीरिया से कोई नहीं निकाल सकता
बेरूत। लेबनानी शिया आंदोलन के नेता हसन नसरुल्ला ने गुरूवार को कहा कि अगली सूचना तक हिज्बुल्ला सीरिया में बना रहेगा। नसरुल्ला ने टीवी पर प्रसारित अपने बयान में कहा कि इदलिब संधि के बाद भी हम वहां रहेंगे। गौरतलब है कि विद्रोहियों के नियंत्रण वाले क्षेत्रों पर सीरियाई सेना के हमलों को रोकने के लिहाज से रूस और तुर्की के बीच इदलिब संधि हुई है। आशुरा की पूर्व संध्या पर नसरुल्ला ने कहा कि अगली सूचना तक हम बने रहेंगे। इस संघर्ष में सीरिया की सरकार का साथ दे रहे हिज्बुल्ला आंदोलन के नेता ने कहा कि हमारी मौजूदगी की जरूरत सीरियाई सरकार की रजामंदी से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि हमें कोई भी सीरिया से निकाल नहीं सकता है।
सैन्य ताकत को घटाने के इदलिब संधि हुई
बता दें कि कुछ दिन पहले ही तुर्की और रूस के बीच सीरिया में सैन्य ताकत को घटाने के लिए इदलिब संधि हुई है। संधि के अनुसार कट्टर आंदोलनकारियों का क्षेत्र में प्रभाव कम करने पर सहमति बनी है। नसरुल्ला ने इस संधि पर कहा कि यह सच है कि सात साल से चल रहे खूनी संघर्ष को खत्म करने के दिशा में एक राजनीतिक समाधान हुआ है। हमारे यहां से जाने का फैसला इस पर निर्भर करेगा कि इस संधि के परिणाम कितने सकारात्मक हैं।
विद्रोहियों का सफाया करने में जुटा
हिज्बुल्ला संगठन सीरिया में ने शुरूआत से ही सरकार के साथ मिलकर विद्रोहियों का सफाया करने में जुटा हुआ है। कहा जाता है कि विद्रोहियों के सफाए में वह आम जनता पर केमिकल अटैक करने से भी नहीं चूक रहा है। हिज्बुल्ला की इस हरकत का अमरीका हमेशा से विरोध करता रहा है। गौरतलब है कि अमरीका का मानना है कि हिज्बुल्ला आतंक को पनाह देने वाला संगठन है और वह पूरी दुनिया में तबाही ला सकता है। हिज्बुला के पांव सीरिया के साथ पाकिस्तान में भी पसरे हुए हैं। उसे ईरान से काफी समर्थन मिलता रहता है।
Updated on:
24 Sept 2018 11:25 am
Published on:
23 Sept 2018 03:07 pm
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