शपथ ग्रहण के लिए मोदी की पसंद बना बिम्सटेक, जानें कौन से देश हैं इसमें शमिल

शपथ ग्रहण के लिए मोदी की पसंद बना बिम्सटेक, जानें कौन से देश हैं इसमें शमिल

Mohit Saxena | Publish: May, 30 2019 09:13:41 AM (IST) | Updated: May, 30 2019 12:21:29 PM (IST) विश्‍व की अन्‍य खबरें

  • बंगाल की खाड़ी से जुड़े सात देशों का समूह है
  • इसका मुख्यालय बांग्लादेश की राजधानी ढाका में है
  • पाकिस्तान इस समूह में शामिल नहीं है

नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में इस बार BIMSTEC देशों को आमंत्रित किया गया है।इसका पूरा नाम Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation है। ये बंगाल की खाड़ी से जुड़े सात देशों का समूह है। तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए यह समूह तैयार किया गया था। गुरुवार को होने वाले समारोह में पीएम मोदी बिम्सटेक देशों के नेताओं का स्वागत करेंगे। यह बंगाल की खाड़ी से तटवर्ती या समीप देशों का एक अंतरराष्ट्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोगी संगठन है। इसमें बांग्लादेश,भारत, भूटान , नेपाल , श्रीलंका , म्यांमार, थाईलैंड जैसे सात देश शामिल हैं। इसका मुख्यालय बांग्लादेश की राजधानी ढाका में है।

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तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए जुड़े

बीते कई सालों से मोदी ने सार्क के बजाय बिम्सटेक को ज्यादा अहमियत दी है। सार्क (SAARC) देशों के संगठन की ही तरह BIMSTEC बंगाल की खाड़ी के देशों का एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए जुड़े हैं। सार्क का पूरा नाम (South Asian Association for Reasonal Cooperation)है। इसका उद्देश्य दक्षिय एशिया में आपसी सहयोग से शांति और प्रगति हासिल करना है। सार्क के सात देशों में भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, भूटान और मालदीव शामिल है। BIMSTEC संगठन का गठन 6 जून, 1997 को किया गया था। तब यह BISTEC था जो बाद में मल्टी सेक्टोरल जुड़ने से 1998 में BIMSTEC में बदल गया। सदस्य राष्ट्र अपने नाम के अक्षरों के अनुसार रोटेशन पर बिम्सटेक की अध्यक्षता करते है। पाकिस्तान इन सदस्यों में शामिल नहीं है। इस तरह से पीएम मोदी ने सार्क के बिम्सटेक देशों को आमंत्रित कर पाक से किनारा किया है।

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नेपाल में बीते साल हुआ था सम्मेलन

संगठन का गठन तकनीकी और आर्थिक क्षेत्रों में सदस्य देशों के बीच बेहतर सहयोग के उद्देश्य से किया गया था। चौथा बिम्सटेक शिखर सम्मेलन नेपाल में वर्ष 2018 में हुआ। शिखर सम्मेलन का विषय बंगाल की खाड़ी पर केंद्रित था। कहा जा रहा है कि बिम्सटेक से गहरी दोस्ती भारत के हक में रहेगी। बिम्सटेक से जुड़े देशों ने 14 तकनीकी और आर्थिक क्षेत्रों में एक दूसरे का सहयोग करने के लिए राजी हुए हैं। इससे भारत को भी फायदा मिल रहा है। इनमें पर्यटन, जलवायु परिवर्तन, तकनीक से लेकर कृषि, सार्वजनिक स्वास्थ्य सहयोग जुड़ा है। इसमें दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया के सदस्य राज्य हैं।

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