ईरान से तेल आयात को लेकर अमरीका से उम्मीद की आस लगाए है भारत, माइक पॉम्पियो को मनाने की तैयारी

ईरान से तेल आयात को लेकर अमरीका से उम्मीद की आस लगाए है भारत, माइक पॉम्पियो को मनाने की तैयारी

अमरीकी विदेश मंत्री भारत दौरे पर पहुंचने वाले हैं, दिसंबर से ईरान से तेल आयात पर पूरी तरह लग जाएगा प्रतिबंध

इस्लामाबाद। पेट्रोल की कीमतों को लेकर सरकार इन दिनों आलोचनाओं से घिरी हुई है। हर तीसरे दिन पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। अब भारत अमरीका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो से इस समस्या के समाधान की उम्मीद लगाए बैठा है। पोम्पिओ बुधवार को इस्लामाबाद पहुंच रहे हैं और फिर वह भारत के दौरे पर आएंगे। ईरान पर अमरीकी प्रतिबंध के चलते भारत को काफी नुकसान झेलना पड़ सकता है। भारत अभी ईरान से काफी मात्रा में कच्चा तेल आयात करता है। मगर दिसंबर तक उसे भी यह आयात रोकनी होगी। पॉम्पियो से भारत को उम्मीद है कि वह इस समस्या का कोई फौरी समाधान जरूर निकालेंगे।

नहीं निकल सकता समाधान

हालांकि पॉम्पियो का कहना है कि ईरान तेल आयात भारत और अमेरिका दोनों के लिए ही महत्वपूर्ण हैं। मगर इस वक्त होनेवाली रणनीतिक बातचीत में इसका समाधान खोजने की उम्मीद करना बेमानी है। अमेरिकी विदेश मंत्री की यात्रा ट्रंप प्रशासन के पाकिस्तान को 30 करोड़ अमेरिकी डॉलर की सैन्य सहायता रद्द करने के कुछ दिन बाद हो रही है। ट्रंप प्रशासन ने यह कदम पाकिस्तान के अपनी सीमा के भीतर आतंकवादी समूहों के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं करने की वजह से उठाया। नई सरकार इमरान खान भी अमेरिका के साथ संबंधों को लेकर अपने सख्त तेवर दिखा चुके हैं। ऐसे में भारत को राहत देने जैसे बात करना पॉम्पियो के संभव नहीं होगा। अमरीका चाहता है कि भारत ईरान पर लगे प्रतिबंधों पर उसका साथ दे।

भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय स्तर की वार्ता महत्वपूर्ण

माइक पॉम्पियो छह सितंबर को नयी दिल्ली में भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय वार्ता में हिस्सा लेंगे। भारत के विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री से अमेरिकी समकक्ष मुलाकात करेंगे। इस बैठक को दोनों ही देशों के बीच संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ईरान के खिलाफ अमरीका के सख्त तेवरों के बीच भारत ईरान से तेल आयात के लिए अपनी प्रतिबद्धता कई बार दोहरा चुका है।

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