Coronavirus को शरीर से खत्म करेगा ये इनहेलर, ट्रायल के बाद जल्द होगी उपलब्ध

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-वैक्सीन बनाने की तैयारी के दावे तो भारत समेत दुनिया के कई देश कर रहे हैं, और उम्मीद तो यह भी जताई जा रही है कि जल्द इसे विकसित कर लिया जाएगा,लेकिन ठोस नतीजों का अभी इंतजार है

कोरोना महामारी से निपटने के लिए पूरे देश में खोज जारी है, इसके सटीक इलाज की भी तलाश की जा रही है

-कोरोना वायरस के इलाज को लेकर हल्की सी उम्मीद उस समय बंधी जब वैज्ञानिकों ने ऐसा इनहेलर विकसित किया है जो किलर कोरोना के पहले लक्षण का मजबूती से सामना कर सकता है

नई दिल्ली. आज लगभग संपूर्ण विश्व कोरोना वायरस (Coronavirus) के समक्ष घुटने टेके खड़ा है। अब तक इसका कोई सफल इलाज नहीं मिल पाया है। वैक्सीन बनाने की तैयारी के दावे तो भारत समेत दुनिया के कई देश कर रहे हैं, और उम्मीद तो यह भी जताई जा रही है कि जल्द इसे विकसित कर लिया जाएगा,लेकिन ठोस नतीजों का अभी इंतजार है। कोरोना महामारी से निपटने के लिए पूरे देश में खोज जारी है। इसके सटीक इलाज की भी तलाश की जा रही है। कोरोना वायरस के इलाज को लेकर हल्की सी उम्मीद उस समय बंधी जब वैज्ञानिकों ने ऐसा इनहेलर विकसित किया है जो किलर कोरोना के पहले लक्षण का मजबूती से सामना कर सकता है। वैज्ञानिक अब इस इनहेलर की फाइनल टेस्टिंग में जुट गए हैं।

ट्रायल में 220 मरीज शामिल

कोविड-19 के मरीजों के लिए ब्रिटिश कंपनी सिनायर्जन द्वारा बनाए गई इस खास तकनीक का नाम SNG001 इनहेलर है। SG016 नाम के इस ट्रायल में 220 मरीज शामिल हैं, जिन्हें उनके लक्षण दिखने के बाद तीन दिन के भीतर इनहेलर दिया जाएगा।

फेफड़ों में पड़ने वाले प्रभाव से होगा बचाव

सिनायर्जन के सीईओ रिचर्ड मार्डसन ने कहा कि SG016 ट्रायल के विस्तार से वे बेहद खुश हैं। इससे हम काफी जल्दी घरेलू एनवायरोमेंट में ही ड्रग को टेस्ट करने में कामयाब हो सकते हैं। उन्होंने कहा, 'हमें इस ट्रायल से बड़ी उम्मीद है। यदि इस ट्रायल में सफलता मिली तो हम बीमारी के कारण फेफड़ों और रेस्पिरेटरी सिस्टम पर पड़ने वाले प्रभाव से शरीर को बचा पाएंगे।'

जुलाई में जारी होगा डेटा

मार्डसन ने कहा का कि हॉस्पिटल एनवायरोमेंट में SG016 ट्रायल की प्रगति से भी वे काफी खुश हैं। इस दौरान 98 रोगियों को इसका डोज दिया गया। अब इसका टॉप लाइन डेटा जुलाई में जारी किया जाएगा।

एंटी-वायरल प्रतिक्रियाओं को करता है टारगेट

इनहेलर एक प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले प्रोटीन जिसे इंटरफेरॉन बीटा (आईएफएन-बीटा) कहते हैं, सीधे फेफड़ों में उतारता है। एफएन-बीटा शरीर की एंटी-वायरल प्रतिक्रियाओं को टारगेट करता है। ये न सिर्फ सेल्स डैमेज होने से बचाता है, बल्कि वायरस को नकल करने से भी रोकता है।

ट्रायल के बाद ही होगा उपलब्ध

कंपनी का दावा है कि दुनियाभर में फैलती इस महामारी के बीच SNG001 इनहेलर एक बड़ा रोल अदा कर सकता है। उन्होंने कहा कि ट्रायल की कामयाबी के बाद ये इनहेलर पूरे ब्रिटेन में लोगों के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा।

Ruchi Sharma
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