Libya: खुम्स तट के पास नाव के डूबने से 74 प्रवासी लोगों की मौत

HIGHLIGHTS

  • Libya Boats Capsize: यूरोप जा रही एक नाव लीबिया के अल-खुम्स बंदरगाह के पास टूट गई, जिससे उसमें सवार सभी लोग समुद्र में डूब गए।
  • संयुक्त राष्ट्र प्रवासी एजेंसी ( United Nations’ International Organization for Migration ) ने कहा कि घटना के वक्त नाव में महिलाएं और बच्चों समेत कुल 120 लोग सवार थे।

काहिरा। उत्तरी अफ्रीकी देश लीबिया ( Libya ) में एक दर्दनाक हादसा हो गया। इस हादसे में कम से 74 लोगों की मौत हो गई, जबकि 47 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। दरअसल, यूरोप जा रही एक नाव लीबिया के खुम्स तट के पास टूट गई, जिससे उसमें सवार सभी लोग समुद्र में डूब गए।

संयुक्त राष्ट्र प्रवासी एजेंसी ( United Nations’ International Organization for Migration ) ने कहा कि घटना के वक्त नाव में महिलाएं और बच्चों समेत कुल 120 लोग सवार थे। जब यह नाव लीबियाई बंदरगाह अल-खुम्स ( Libyan Port Of Al-khums ) के पास पहुंची तो अचानक टूट गई, जिससे यह हादसा हुआ। अंतरराष्ट्रीय प्रवासी संगठन के मुताबिक, नाव में सवार केवल 47 लोगों को सुरक्षित बचाया जा सका।

लीबिया में शरणार्थियों से भरी नौका डूबी, 200 के मरने की आशंका

बता दें कि बीते महीने एक अक्टूबर से लेकर अब तक इस इलाके में कई ऐसी घटनाएं हो चुकी है। बीते करीब एक महीने में नाव के टूटकर डूबने की यह आठवीं घटना थी। मालूम हो कि 2011 में नाटो समर्थित विद्रोह के बाद से लीबिया में कोई स्थिर सरकार नहीं है। ऐसे में यह क्षेत्र उन अफ्रीकी प्रवासियों के लिए एक प्रमुख ट्रांजिट प्वाइंट है, जो कि भूमध्य सागर को पार कर यूरोप जाना चाहते हैं।

यूरोप में प्रवेश करने की कोशिश

आपको बता दें कि लीबिया में बढ़ते संघर्ष और प्रवासियों के खिलाफ हो रहे शोषण व दुर्व्यवहार से बचने के लिए लोग वहां से निकलकर यूरोप में जाना जाता हैं। इसके लिए लोग इस तरह से नाव में सवार होकर समुद्र के रास्ते आते हैं।

इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) के मुताबिक, इस साल कम से कम 900 प्रवासियों ने क्रॉसिंग करने की कोशिश की है। इसके अलावा अधिकारियों ने 11,000 प्रवासियों को समुद्र में ही रोक दिया और वापस लीबिया लौटा दिया। IOM और UNHCR का कहना है कि प्रवासियों के लिए अल-खुम्स बंदरगाह सुरक्षित नहीं है।

लीबिया में नौका पलटने से 12 लोगों की मौत, मृतकों की संख्या बढ़ने के आसार

IOM के अनुसार, लीबिया में वापस लौटना किसी के लिए अभी भी सुरक्षित नहीं है, क्योंकि वहां पर खुलेआम मानवाधिकार उल्लंघन हो रहा है। ताजा आंकड़ों को देखें तो इसी साल (2020 में) अब तक करीब 30 हजार लोग इटली जा चुके हैं, जबकि एक साल पहले सिर्फ 10 हजार लोग पहुंचे थे।

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Anil Kumar
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