मैक्रॉन और पुतिन की मुलाकात रूस और फ्रांस के बीच क्या कम करेगी दूरियां

सीरिया को लेकर रूस और यूरोपीय देशों के बीच तल्खी कम होने का अंदेशा।

पेरिस। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमानुअल मैक्रॉन गुरुवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ सेंट पीटर्सबर्ग में मुलाकात करेंगे। पिछले दिनों सीरिया में चल रहे युद्ध को लेकर दोनों बीच दूरिया बढ़ गई थीं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे है कि इस मुलाकात के बाद दोनों बीच तल्खी कम होगी। इससे पहले मैक्रॉन पिछले महीने ट्रंप से भी मुलाकात कर चुके हैं। इस दौरान दोनों के बीच सीरियाई युद्ध को लेकर आम सहमति बनी थी।

रूस में पुतिन-मोदी ने की नौका की सवारी, देखें वीडियो

पुतिन की जीत ने बदला दृष्टिकोण

पुतिन ने तीसरी बार रूस का चुनाव जीत लिया है। सीरिया को लेकर पुतिन शुरुआत से ही सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद का पक्ष लिया है। उनकी दलील है कि विद्रोही साजिश रचकर असद को हटाना चाहते हैं। इसे लेकर उनकी अमेरिका,फ्रांस ब्रिटेन आदि देशों से तल्खी भी रही है। अमेरिका सीरिया में असद सरकार को हटाने के पक्ष में है। वह चाहता है कि सीरिया का प्रशासन उसके हाथ में आ जाए। अभी तक यह माना जा रहा था कि पुतिन अगर तीसरा चुनाव नहीं जीतते हैं तो सीरिया में कार्रवाई करके असद सरकार को हटा दिया जाएगा। मगर पुतिन की जीत ने यूरोपीय देशों का दृष्टिकोण बदल दिया। अब सभी देश रूस से बातचीत करके सीरिया का हल निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

पीएम मोदी और राष्‍ट्रपति पुतिन का काला सागर नौका विहार संबंधों में गर्मजोशी भर पाएगा!

अमेरिका में भी की थी पुतिन की वकालत

मैक्रॉन ने पिछले महीने वाशिंगटन की यात्रा से पहले फॉक्स न्यूज़ चैनल के एक साक्षात्कारकर्ता में कहा था उन्हें विश्वास है राष्ट्रपति पुतिन के साथ रिश्ते कभी कमजोर नहीं पड़ने वाले हैं। अपने तीन दिवसीय अमेरिकी दौरे के दौरान, मैक्रॉन ने 2015 अंतर्राष्ट्रीय समझौते का सम्मान करने के लिए ट्रम्प को मनाने की मांग की थी जो ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर प्रतिबंध लगाता है। मगर इसका कोई फायदा नहीं हुआ। इसके साथ मैक्रॉन ने ट्रंप से सीरिया युद्ध में रूस के रुख पर चर्चा की थी। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति से पुतिन को साथ लाने का आग्रह किया था।

Mohit Saxena
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned