फिर खुल गई चीन में मीट की दुकान, बिकने लगा, चमगादड़ व अन्य जीव जंतुओं का मांस

Highlights

-भारत में 900 से ज्यादा लोग इसकी चपेट में हैं

-वहीं 26 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है

-एक तरफ पूरी दुनिया कोरोना वायरस जैसे खतरनाक बीमारी से संघर्ष कर रही है

 

नई दिल्‍ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) का कहर लगातार जारी है। भारत में 900 से ज्यादा लोग इसकी चपेट में हैं। वहीं 26 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। एक तरफ पूरी दुनिया कोरोना वायरस जैसे खतरनाक बीमारी से संघर्ष कर रही है, तो वहीं दूसरी ओर चीन ने एक बार फिर जीव, जंगली जानवरों व चमगादड़ से अपनी दुकान सजा ली हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना पर जंग जीत लेने प्लेने का दावा करने वाला चीन एक बार फिर से चमगादड़ सहित अन्य जीवों की बिक्री कई मार्केट में शुरू कर दी हैं। इनमें चमगादड़ , कुत्‍ते, बिल्‍ली, खरगोश जैसे जानवरों को खाने के लिए फिर काटकर बेचा जा रहा है। ऐसे में दुनिया के लिए यह संकट और विकट रूप ले सकता है। बता दें कि इंसानों में यह जानलेवा वायरस चमगादड़ों से ही फैलने की बात सामने आई है।

खुलेआम बिक रहा मांस

एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक शनिवार को चीन में मीट बाजार खुलने की तस्‍वीरें सामने आई हैं। खबर के मुताबिक कोराना वायरस संक्रमण पर अंकुश लगाने को लेकर चीन में जश्‍न जैसा माहौल दिख रहा है। डेलीमेल की रिपोर्ट ने पुष्टि की है कि चीन के विभिन्‍न इलाकों में मीट बाजार दोबारा खुलने लगे हैं। इनमें चमगादड़, कुत्‍ते, बिल्‍ली जैसे जानवरों को मारकर फिर बेचा जाने लगा है।

कुत्ते- बिल्लियों का भी देखा गया मांस

खबर के मुताबिक दक्षिण-पश्चिमी चीन के गुइलिन शहर के मीट बाजार में लोग खरीदारी के लिए हजारों की संख्‍या में पहुंच रहे हैं। यहां विभिन्‍न जानवरों को पिंजरे में बंद देखा गया है। यहां शनिवार को लोगों के लिए कुत्‍ते और बिल्लियों को मांस भी बिकते देखा गया।

हजारों साल से दवा व खाने के रूप में कर रहे इस्तेमाल

दरअसल, चीन में जिंदा जानवरों को खाने और दवाओं को बनाने में हजारों वर्षों से इस्‍तेमाल किया जाता रहा है। इसी वजह से दुनियाभर से सांप, कछुए, भालू, जिंदा जानवरों की चीन में तस्‍करी भी होती है। कोरोना वायरस फैलने के बाद चीनी प्रशासन ने वुहान के मार्केट में छापा मारा था और 40 हजार जानवरों को पकड़ा था। इसमें सांप, कुत्‍ते, खरगोश, घड़‍ियाल, गधे आदि शामिल थे। दरअसल, चीन में यह मान्‍यता है कि धरती पर जानवर इंसान के लिए जिंदा हैं न कि उनके साथ रहने के लिए।

Ruchi Sharma
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