TikTok को खरीदने के लिए कई नामी कंपनियां लाइन में लगीं, बाइटडांस से छूटेगा साथ

Highlights

  • डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने भारत की तरह टीक टॉक पर बैन लगाने के फैसला का संकेत दिया है।
  • भारत ने टिक टॉक (Tik Tok) समेत 106 चीनी ऐप पर पाबंदी लगा दी है, अमरीका भी कर रहा तैयारी

वाशिंगटन। चीनी एप टिकटॉक को खरीदने के लिए नामी साफ्टवेयर कंपनियां बातचीत की तैयारी कर रही हैं। यदि बातचीत सफल हो जाती है तो टिकटॉक माइक्रोसॉफ्ट के अलावा किसी दूसरी कंपनी का हिस्सा होगी। वहीं अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ट ट्रंप ने इस एप को अमरीका में बैन करने का फैसला लिया है। शुक्रवार को ही उन्होंने कहा था कि एग्जेक्यूटिव ऑर्डर के साथ अगले ही कुछ घंटों में टिकटॉक पर प्रतिबंध लगेगा। कंपनी को लगभग 100 करोड़ डॉलर में खरीदने की चर्चा चल रही है।

गौरतलब है कि भारत ने टिक टॉक समेत 106 चीनी ऐप पर पाबंदी लगा दी है। इस कदम का अमरीकी प्रशासन ने और सांसदों ने स्वागत किया है। डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस मामले भारत की तरह कोई फैसला लेने का संकेत दिया है।

उन्होंने कहा कि वे बहुत सारे विकल्पों को देख रहे हैं। माइक्रोसाफ्ट कर सकती है TikTok का अधिग्रहण- अमरीकी न्यूजपेपर वॉल स्ट्रीट जर्नल की खबर के अनुसार भारतीय मूल के अमरीकी सत्य नडेला की अगुवाई वाली कंपनी माइक्रोसॉफ्ट टिक-टॉक के अमरीकी काम-काज को अधिगृहित करने की बातचीत में काफी आगे बढ़ चुकी है।

ये सौदा अरबों डॉलर को हो सकता है। डील की खबर अमरीकी मीडिया से सामने आई है। सूत्रों के अनुसार सोमवार तक एक सौदा पूरा हो सकता है और इस बातचीत में माइक्रोसॉफ्ट, बाइटडांस और व्हाइट हाउस के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं। इस सौदे के पूरे होने की गारंटी अभी नहीं है। टिकटॉक की मूल कंपनी बाइटडांस है, जो इस बैठक में शामिल होगी। वहीं तय करेगी इस सौदे की राह।

Mohit Saxena
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