Coronavirus के बीच बच्चों पर एक और खतरनाक बीमारी का संकट, अमरीका और ब्रिटेन में 200 मामले

Highlights

  • अमरीका (America) में इसकी वजह से अब तक पांच बच्‍चों की जान जा चुकी है।
  • इसमें बच्‍चों के शरीर पर लाल रंग के चक्कते उभर कर आते हैं। वहीं आंखें लाल हो जाती हैं।

संयुक्त राष्ट्र। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि बच्चों में एक दुलर्भ बीमारी देखने को मिल रही है। ये बीमारी डॉक्टरों को आशंकित कर रही है। वे इसे कोरोना वायरस से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि ऐसा नहीं है। संस्था की तकनीकी सदस्य डॉक्टर मारिया केरवोव का कहना है कि इसे मल्टी सिस्टम इंफल्मेट्री सिंड्रोम (MIS-C) की तरह माना जा रहा है।

मीडिया से बातचीत के दौरान डॉक्टर मारिया ने बताया कि अमरीका और ब्रिटेन में कई बच्चे इस सिंड्रोम का शिकार हो रहे हैं। इसमें पेंट में दर्द, नंसों में सूजन आदि लक्षण दिखाई देते हैं। अमरीका समेत ब्रिटेन में ऐसे करीब 200 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें बच्‍चों के अंदर इस तरह की जानलेवा बीमारी को देखा गया है। अमेरिका में इसकी वजह से अब तक पांच बच्‍चों की जान जा चुकी है।

यॉर्क के गवर्नर कुओमो के अनुसार देश के 14 राज्‍यों में डॉक्‍टर बच्‍चों में हो रही ऐसी बीमारी की जांच करने में जुटे हैं। कुछ इसका संबंध कोरोना वायरस से मान रहे हैं। उन्‍होंने अभिभावकों को भी इस बीमारी के प्रति सजग रहने को कहा। इस तरह के मामले की शुरुआत कुछ समय पहले कनाडा से हुई थी। वहां पर कोरोना से पीड़ित बच्‍चों में इस तरह के लक्षण देखे गए। ये इंफ्लेमेटरी डिजीज या कावासाकी डिजीज शॉक सिंड्रोम (Kawasaki disease shock syndrome) से मिलते हैं। डॉक्‍टरों के मुताबिक ये काफी गंभीर बीमारी है। इसमें बच्‍चों के शरीर पर लाल रंग के चक्कते उभर कर आते हैं। वहीं आंखें लाल हो जाती हैं। इसके साथ पेट में तेज दर्द के साथ बुखार, गले में सूजन और होंठों के फटने की शिकायत आती है।

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Mohit Saxena
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