बेटी के दिल ने किसी की जिंदगी बचाई, धड़कनों को सुनकर मां को लगा ऐसा

Highlights

  • एलिडिया की अचानक मौत के बाद बॉडी को दान देने का फैसला किया।
  • 16 साल की ब्रूकलिन को जन्म से ही हाइपोप्लास्टिक लेफ्ट हार्ट सिंड्रोम था।
  • एलिडिया की माैत के 10 दिन बाद ब्रूकलिन की सर्जरी हुई।

न्यूयॉर्क। एम्मी हैमलिन ने बेटी एलिडिया की अचानक मौत के बाद उसकी बॉडी को दान देने का फैसला किया। आज एम्मी अपनी बेटी की दिल की धड़कनों को सुन सकती हैं। बीते साल हार्ट ट्रांसप्लांटऑप्रेशन के दौरान एलिडिया का दिल ब्रूकलिन के शरीर में लगा दिया। इससे उसे एक नई जिंदगी मिली। 16 साल की ब्रूकलिन को जन्म से ही हाइपोप्लास्टिक लेफ्ट हार्ट सिंड्रोम था। इस कारण उसके दिल का बायां हिस्सा विकसित नहीं हो पाया। हार्ट ट्रांसप्लांट ही इसका एकमात्र इलाज था।

अमरीका: कोरोना वायरस से लड़ने के लिए सीनेट ने दी 2.2 ट्रिलियन डॉलर के बिल को मंजूरी

एलिडिया की माैत के 10 दिन बाद ब्रूकलिन की सर्जरी हुई। दिसंबर में उसकी मां एंजेला ने एम्मी को ढूंढकर उनका शुक्रिया अदा किया। इस माह की शुरुआत में ब्रूकलिन ने एम्मी से मुलाकात की जिसमें उन्हाेंने अपनी बेटी के दिल की धड़कन ब्रूकलिन के शरीर में सुनी। ब्रूकलिन की मां एंजेला के अनुसार जब उन्हें पता चला कि ब्रूकलिन के ऑप्रेशन के लिए दिल मिल गया है तो हमें प्रसन्ना तो थी मगर दूसरी तरफ एक जिंदगी खत्म होने का दुख भी था।

ब्रूकलिन का ऑप्रेशन सफल हुआ और उसके बाद, उन्होंने लोगाें को ढूंढने का फैसला किया जिनकी वजह से ऐसा संभव हो पाया। आखिरकार दिसंबर में फेसबुक पर एक फंडरेजिंग पेज के जरिए उन्हें एम्मी का पता मिला। मैंने उन्हें खत लिखकर उनका आभार व्यक्त किया। इस माह के शुरू में दोनाें परिवाराें की मुलाकात हुई, जिसमें एम्मी ने ब्रूकलिन के दिल की धड़कन सुनी।

एलिडिया की तरह ब्रूकलिन को म्यूजिक सुनना पसंद है

एम्मी का इस बारे में कहना है कि उन्हें ब्रूकलिन से मिलने की काफी तमन्ना थी। इसका कारण था कि उनकी बेटी के दिल के कारण किसी की जिंदगी में क्या आया है, ये उन्हें जानना था। एम्मी ने बताया कि जब वह उससे मिलीं तो पता चला कि उसे म्यूजिक सुनना काफी पसंद है। यह बिल्कुल वैसा ही था जैसे एलिडिया को था। शायद इसी कारण उससे मिलकर उन्हें एक पल के लिए भी ऐसा नहीं लग रहा था कि वह एलिडिया के साथ नहीं हैं। वह तो यही महसूस कर रही थी कि जैसे एलिडिया उनके सामने खड़ी है।

Mohit Saxena
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned