Nigeria Protests: पुलिस की बर्बरता के खिलाफ भीड़ ने दो जेलों में किया हमला, 2000 कैदी फरार

HIGHLIGHTS

  • Protests In Nigeria Against Police Brutality: नाइजीरिया के सबसे बड़े शहर लागोस में पुलिस की बर्बरता के खिलाफ लोगों ने दो जेलों पर हमला कर दिया।
  • प्रदर्शनकारियों के बवाल से बचने के लिए दंगा विरोधी विभाग ( Anti-Riot Department ) के पुलिस महानिरीक्षक ने जेलों की सुरक्षा बढ़ाने के आदेश दे दिए हैं।

लागोस। पश्चिमी अफ्रीकी देश नाइजीरिया ( Nigeria Protests ) में पुलिस-प्रशासन के खिलाफ व्यापक विरोध-प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। नाइजीरिया के सबसे बड़े शहर लागोस में पुलिस की बर्बरता के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए हैं और लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।

इस बीच प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने दो जेलों पर हमला कर दिया। हमले के बाद दोनों ही जेलों से करीब 2000 कैदी फरार हो गए। उग्र होते प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने 24 घंटे का कर्फ्यू लगाने की घोषणा कर दी है।

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प्रदर्शनकारियों के बवाल से बचने के लिए दंगा विरोधी विभाग ( Anti-Riot Department ) के पुलिस महानिरीक्षक ने जेलों की सुरक्षा बढ़ाने के आदेश दे दिए हैं। पुलिस की ओर से एक बयान जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि आम नागरिकों की जिंदगी और संपत्ति को नुकसान से बचाने के लिए अब पूरी ताकत के साथ कानून का इस्तेमाल किया जाएगा।

लागोस के राज्य के गवर्नर बाबाजीडे सानवो-ओल्यू ने ट्वीट करते हुए कहा है कि पुलिस की बर्बरता के खिलाफ लोगों का इस तरह से प्रदर्शन करना समाज के भलाई के खतरा बनता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस प्रदर्शन को अपराधियों ने कब्जा कर लिया और समाज को नुकसान पहुंचाने के मकसद से इस तरह के हिंसक प्रदर्शन को कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस प्रदर्शन में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

SARS के खिलाफ प्रदर्शन

गृह मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद मंगा ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया है कि हथियारों से लैस भीड़ ने दो जेलों पर हमला कर दिया। इसके बाद 1993 कैदी फरार हो गए। उन्होंने कहा कि ये साफ नहीं है कि जेल में कुल कितने कैदी थे। फिलहाल, प्रदर्शनकारियों ने शहर के अहम सड़कों के साथ अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट जाने वाले रास्तों को ब्लॉक कर दिया है।

मालूम हो कि प्रदर्शनकारी स्पेशल ऐंटी-रॉबरी स्क्वॉड (SARS) का विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस की यह शाखा कानून के गलत इस्तेमाल कर आम लोगों को प्रताड़ित कर रही है। लंबे समय से SARS पर एक्सटॉर्शन, टॉर्चर और हत्या करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।

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अब देश में व्यापक विरोध प्रदर्शन को देखते हुए SARS को खत्म करने का ऐलान कर दिया गया है। सरकार की ओर से कहा गया है कि SARS की जगह स्पेशल वेपन्स ऐंड टैक्टिक (SWAT) टीम बनाई जाएगी।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार के इस वादे पर भरोसा नहीं है। सरकार सिर्फ नाम बदलने का नाटक कर रही है। जब तक उनके वादे पूरे नहीं किए जाते तब तक वे सड़कों पर ही रहेंगे। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है प्रदर्शन के दौरान जिन्हें गिरफ्तार किया गया है उन्हें रिहा किया जाए।

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Anil Kumar
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