उत्तर कोरिया की अमरीका को धमकी, ऐसा दर्द देंगे कि भूल नहीं पाओगे

Dharmendra Chouhan

Publish: Sep, 11 2017 02:57:00 PM (IST)

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उत्तर कोरिया की अमरीका को धमकी, ऐसा दर्द देंगे कि भूल नहीं पाओगे

दक्षिण कोरिया ने कहा है कि अमरीका को ऐसे दर्द और तकलीफ से गुजरना पड़ेगा, जो उसने अब तक के अपने इतिहास में कभी नहीं झेला होगा।

प्योंगयांग. परमाणु परीक्षण के बदले बैन लगाने की मांग उत्तर कोरिया ने अमरीका को धमकी दी है। उत्तर कोरिया ने कहा है कि अमरीका ने जो प्रस्ताव रखा है उसके लिए उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उत्तर कोरिया के छठे परमाणु परीक्षण के विरोध में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उसके खिलाफ नए प्रतिबंध लागू करने के अमरीका के प्रस्ताव के बाद उत्तर कोरिया ने अमरीका को भारी कीमत चुकाने की धमकी दी है।

ऐसा दर्द देंगे कि भूल नहीं पाओगे
दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अगर अमरीका द्वारा प्रस्तावित अवैध व गैर-कानूनी कड़े प्रतिबंधों के प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो अमरीका को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। हम जवाब देने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। दक्षिण कोरिया ने कहा है कि अमरीका को ऐसे दर्द और तकलीफ से गुजरना पड़ेगा, जो उसने अब तक के अपने इतिहास में कभी नहीं झेला होगा। उत्तर कोरिया के मुताबिक, अमरीका उसके (उत्तर कोरिया) वैध आत्मरक्षक कदमों का विरोध करने के बहाने उस पर पूरी तरह दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। उत्तर कोरिया ने कहा कि उसने कोरियाई प्रायद्वीप पर मंडराते खतरे और अमरीका के बढ़ते शत्रुताजनक कदमों और परमाणु खतरों से निपटने के लिए बेहद शक्तिशाली थर्मोन्यूक्लियर हथियार विकसित किया है।
उत्तर कोरिया ने तीन सितंबर को अपना सबसे शक्तिशाली छठा परमाणु परीक्षण किया था। किम जोंग उन ने इसे उत्तर कोरिया की महान जीत बताया है। अमरीका ने जापान और दक्षिण कोरिया के समर्थन से उत्तर कोरिया के खिलाफ नए प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव पर मतदान के लिए सोमवार को सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई है। प्रस्ताव में उत्तर कोरिया को तेल और वस्त्र निर्यात करने और उत्तर कोरियाई नागरिकों के विदेश में काम करने पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव शामिल हैं।


यूएन प्रमुख चिंतित
एक दिन पहले ही संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने कहा कि उत्तर कोरिया के परमाणु एवं मिसाइल कार्यक्रम को लेकर तनातनी हालिया वर्षों में दुनिया का सबसे खतरनाक संकट है और इसे लेकर वह गंभीर रूप से चिंतित हैं। गुतारेस ने कहा अब तक हमने ऐसे युद्ध देखे हैं जो सोचे समझे निर्णय के बाद शुरू किए गए थे। उन्होंने कहा लेकिन हम यह भी जानते हैं कि गंभीरता से विचार किए बिना काम करने के कारण बढ़े तनाव के कारण अन्य संघर्ष शुरू हुए। गुतारेस ने कहा हमें यह उम्मीद करनी होगी कि इस खतरे की गंभीरता हमें बहुत देर होने से पहले तर्क के मार्ग पर ले जाएगी।

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