Coronavirus : दवा लेने के 6 दिन बाद ठीक हो गया कोरोना का गंभीर मरीज, डॉक्टरों में खुशी की लहर

Highlights

- 480 लोगों की इस महामारी से मौत हो चुकी है

कोरोना वायरस की वैक्सीन को लेकर पूरी दुनिया में रिसर्च चल रहा है

-अलग-अलग देश यह दावा कर रहे हैं कि उनके यहां वैक्सीन बन रही है

नई दिल्ली. भारत में कोरोना का कहर लगातार जारी है। देश भर में कोरोना से 14,378 लोग संक्रमित हो चुकी है,जिसमें 1,992 लोग ठीक हो चुके है, वहीं 480 लोगों की इस महामारी से मौत हो चुकी है। कोरोना वायरस की वैक्सीन को लेकर पूरी दुनिया में रिसर्च चल रहा है। अलग-अलग देश यह दावा कर रहे हैं कि उनके यहां वैक्सीन बन रही है। इस बीच एक राहत देने वाली खबर है, जहां अमेरिका की बायोटेक्नोलॉजी कंपनी गीलीड साइंसेस इंक में बनी दवा रेमदेसवीर से कोरोना के गंभीर रोगियों को छह दिन में फायदा हुआ है। यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो मेडिसिन में दवा पर शोध चल रहा है जहां डॉक्टरों को बेहतर परिणाम दिखे हैं।

दवा हो सकती है कारगर

इस दवा के असर को देख उसके शेयर में भी बृहस्पतिवार को 16 फीसदी की तेजी दिखी। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि भविष्य में ये दवा कारगर होगी। यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के संक्रामक रोग विभाग की डॉ. कैथलीन मुलाने रेमदेसवी दवा का ट्रायल कर रही हैं।

तीन लोगों पर हुआ ट्रायल

वे बताती हैं कि यूनिवर्सिटी ने ट्रायल के लिए कोरोना से संक्रमित 125 मरीजों का चयन किया था। दवा से 113 मरीज ठीक हो गए। अधिकतर को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और वे घर पर स्वस्थ हैं। गंभीर मरीज भी छह दिन में ठीक होकर घर लौटे हैं। इस ट्रायल में शामिल केवल तीन मरीज ही हैं जिनको दस दिन का इलाज दिया गया। अभी दो का इलाज चल रहा है। कुछ की मौत भी हुई है। इबोला के संक्रमण में भी दवा का परीक्षण हुआ था। इसी के बाद कुछ जानवरों पर अध्ययन में पाया गया कि ये दवा सार्स व मर्स के साथ कोरोना के इलाज में भी इस्तेमाल हो सकती है।

दवा का अध्ययन अभी तीसरे चरण में है

दवा बनाने वाली कंपनी का कहना है कि अभी दुनियाभर से आ रही रिपोर्ट और आंकड़ों का अध्ययन जरूरी है तभी इसकी पुष्टि हो सकती है कि दवा कोरोना के इलाज में कितनी कारगर है। कंपनी का कहना है कि अभी सिर्फ एक स्थान से आए आंकड़ों के आधार पर निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता है। दुनियाभर के 169 अस्पतालों में कोरोना संक्रमित अलग-अलग लक्षण वाले 1600 मरीजों पर अध्ययन चल रहा है। दवा काे लेकर अध्ययन अभी तीसरे चरण में है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि माह के आखिर में परिणाम आ जाएगा कुछ जानकारी मई में मिलने की उम्मीद है।

Ruchi Sharma
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