Belarus के राष्ट्रपति ने विदेशी घुसपैठ को लेकर लगाए आरोप, नाटो ने इसे मानने से किया इनकार

Highlights

  • सेना के वस्त्र पहने राष्ट्रपति का कहना है कि अपने सशस्त्र बलों को हाई अलर्ट पर रख हुआ है।
  • दो हफ्ते से राष्ट्रपति से इस्तीफे की मांग को लेकर मिंस्क की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन जारी हैं।

मिंस्क। बेलारूस (Belarus) में राजनीतिक संकट गहराया हुआ है। यहां पर हाल ही में हुए चुनाव को लेकर लोगों ने धांधली के आरोप लगाए हैं। इसे लेकर प्रदर्शनों का दौर जारी है। वहीं नाटो (Nato) ने बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको (President Alexander Lukashenko) के विदेशी शक्तियों से देश की सीमा घिरी होने के दावे को आधारहीन बताया है। सेना के वस्त्र पहने राष्ट्रपति का कहना है कि अपने सशस्त्र बलों को हाई अलर्ट पर रख हुआ है।

नाटो (Nato) ने बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको (President Alexander Lukashenko) के विदेशी शक्तियों के देश की सीमा पर सैन्य दलों को संगठित (organising a build-up of troops) करने के दावे को आधारहीन बताया है। सेना के वस्त्र पहने राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने अपने सशस्त्र बलों को हाईअलर्ट पर रखा हुआ है। दो हफ्ते पहले हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव के बाद शनिवार को भी मिंस्क की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन जारी हैं।

वहीं राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको (President Alexander Lukashenko) ने दो टूक कह दिया है कि मेरे जिंदा रहते इस देश में दोबारा चुनाव नहीं हो सकते हैं। मुझे गोली मार दो और चुनाव करवा लो। दूसरी ओर लुकाशेंको के खिलाफ चुनाव लड़ने वाली विपक्ष की नेता स्वेतलाना तिखानोव्सना बच्चों सहित देश छोड़कर भाग गईं हैं। उन्होंने परिवार की जान खतरा बताया है।

लुकाशेंको से इस्तीफे की मांग

प्रदर्शनकारियों की मांग है कि लुकाशेंको अपने पद से तुरंत इस्तीफा दे दें। बेलारूस पर 26 वर्षों से शासन कर रहे लुकाशेंको का दावा है कि नाटो ब्लाक बेलारूस के खिलाफ साजिश रचकर उसे तोड़ने का प्रयास कर रहा है। वह मिंस्क में एक नया चेहरा स्थापित करना चाहता है। उन्होंने कहा कि पोलैंड और लिथुआनिया में सैन्य दल को तैयार किया जा रहा है। ऐसे में सेना को देश की पश्चिमी सीमा पर भेज रहे हैं।

Mohit Saxena
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