46 हजार साल पुरानी गुफा तोड़ने के मामले में Rio Tinto के सीईओ ने दिया इस्तीफा

HIGHLIGHTS

  • Rio Tinto के सीईओ जीन सेबस्टियन जाक ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
  • 46 हज़ार साल पुरानी एक गुफा तोड़ने के मामले को लेकर सेबस्टियन जाक और अन्य दो अधिकारियों ने अपने पद से इस्तीफा दिया है।

सिडनी। माइनिंग फील्ड की एक बड़ी कंपनी रियो टिंटो ( Rio Tinto ) के सीईओ जीन सेबस्टियन जाक ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इनके साथ कंपनी के दो और बड़े अधिकारियों ने भी रिज़ाइन कर दिया है। 46 हज़ार साल पुरानी एक गुफा तोड़ने के मामले को लेकर सेबस्टियन जाक ने अपने पद से इस्तीफा दिया है।

कंपनी के मुताबिक, जाक को उत्तराधिकारी चुने जाने के बाद या अगले साल मार्च के आखिर तक, दोनों में से जो भी तारीख पहले आएगा उसमें वे छोड़कर चले जाएंगे।

American Pressure नहीं झेल सके Tiktok Ceo Kevin Mayer, किया Resign

जाक के साथ दो अन्य अधिकारियों ने भी इस्तीफा दिया है। इसमें लौह अयस्क व्यवसाय के प्रमुख क्रिस सैलिसबरी, और कॉर्पोरेट संबंधों के लिए समूह के कार्यकारी सिमोन निवेन शामिल हैं। सैलिसबरी तत्काल प्रभाव से अपना पद छोड़ रही हैं, जो कि इस साल के अंत तक वह कंपनी भी छोड़ देंगी, जबकि दिसंबर के अंत में सिमोन भी कंपनी से बाहर हो जाएंगे। रियों टिंटो एक ऐंग्लो ऑस्ट्रेलियन कंपनी हैं। यानी कि इसका मालिकाना कनेक्शन ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन से है।

क्यों हुआ इस्तीफा

रियो टिंटो के चेयरमैन साइमन थॉम्पसन ने एक बयान में कहा कि पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में दो रॉक शेल्टरों यानी गुफा को नष्ट करना गलत था। इन शेल्टरों में हजारों साल पुराने कलाकृतियां मौजूद थी, जिससे ये पता चलता था कि यहां पर इंसान का कब्जा था।

उन्होंने आगे कहा कि हम यह सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं कि इस तरह के असाधारण पुरातात्विक और सांस्कृतिक महत्व के एक विरासत स्थल का विनाश रियो टिंटो ऑपरेशन में फिर कभी नहीं होगा। बताया जा रहा है कि रियो टिंटो के सीईओ ने 46 हजार साल पुराने जूकान गॉर्ज गुफाओं को नष्ट कर दिया। स्थानीय संरक्षकों पुत्तु कुंती कुरमा और पिनिकुरा लोगों ने सात साल तक इन गुफाओं को बचाने की लडा़ई लड़ी लेकिन फिर वे नहीं बचा सके। हालांकि इसको लेकर बाद में रियो टिंटो ने जून में माफी भी मांगी।

Zoom Video Communication के CEO की संपत्ति में 4 बिलियन डॉलर का इजाफा, जानिए क्या रही वजह

बता दें कि 2014 में यहां एक बड़ा आर्कियोलॉजिकल सर्वे हुआ था, जिसमें इस इलाके के प्राचीन इतिहास से जुड़े साक्ष्य मिले थे। इसी सर्वे में उस गुफा के अंदर 46,000 साल पुरानी इंसानी बसावट का भी पता चला था, इसके बावजूद भी इसी साल वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया स्टेट की सरकार ने रियो टिंटो को इन गुफाओं में खनन की इजाज़त दी थी।

इस आर्कियोलॉजिकल खोज के एक साल बाद 2015 में आया कोर्ट का फैसला। इसमें PKKP को उनके नेटिव लैंड पर क़ानूनी दावा मिल गया। रियो टिंटो को भले ही इस इलाके में माइनिंग का कानूनी परमिट मिल गया था, लेकिन वहां के मूल निवासियों ने इस विरासत को खत्म किए जाने का विरोध किया। चूंकि कंपनी की ये जिम्मेदारी थी कि इस महान विरासत के प्रति संवेदनशीलता बरते। लेकिन अब जब कंपनी ने गुफा को ढहाया, तो इसे अक्षम्य अपराध माना गय और अब सीईओ समेत तीन अधिकारियों को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है।

Show More
Anil Kumar
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned