विश्व हिंदू कांग्रेस: मोहन भागवत के डॉग वाले बयान पर विवाद, अनुपम खेर ने छेड़ा कश्मीरी पंडितों का मुद्दा

विश्व हिंदू कांग्रेस: मोहन भागवत के डॉग वाले बयान पर विवाद, अनुपम खेर ने छेड़ा कश्मीरी पंडितों का मुद्दा

Siddharth Priyadarshi | Publish: Sep, 09 2018 01:34:00 PM (IST) | Updated: Sep, 09 2018 01:40:22 PM (IST) विश्‍व की अन्‍य खबरें

विश्व हिंदू कांग्रेस में 80 देशों के 2500 प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने हिंदुओं से एकजुट होने की अपील की।

शिकागो। शिकागो में चल रहे विश्व हिन्दू सम्मलेन में दिए गए मोहन भागवत के भाषण पर विवाद उत्पन्न हो गया है। कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। आरएसएस प्रमुख ने विश्व हिन्दू कांग्रेस में बोलते हुए कहा था कि "यदि शेर अकेला रहे तो वाइल्ड डॉग भी शिकार कर सकते हैं।" इस बयान के बाद भारत में तीखी प्रतिक्रिया हुई है।

क्या कहा था संघ प्रमुख ने

संघ प्रमुख ने इस कार्यक्रम में बोलते हुए पूरे विश्व के हिन्दू समुदाय से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "इस 'मुश्किल वक्त' में हिंदू समाज को एकजुट होने की जरुरत है। समय की मांग है कि हिन्दू समाज एकजुट होकर मानव कल्याण के लिए काम करे।" सम्मेलन को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि हिन्दू समाज के लोग कभी साथ नहीं आते हैं। विश्व हिंदू कांग्रेस में 80 देशों के 2500 प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने हिंदुओं से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने हजारों सालों से हिंदुओं के प्रताड़ित किये जाने का आरोप लगाया था और कहा था कि,‘यदि कोई शेर अकेला होता है, तो जंगली कुत्ते भी उस पर हमला कर अपना शिकार बना सकते हैं।’

अनुपम खेर ने उठाया कश्मीरी पंडितों का मुद्दा

कार्यक्रम में बोलते हुए अनुपम खेर ने कहा कि 28 साल से कश्मीरी पंडित विस्थापित हैं। फिल्म अभिनेता अनुपम खेर ने कहा "हिंदुत्व जीवन की एक पद्धति है और सनातन के तौर तरीकों को अपनाकर ही कोई हिन्दू कहलाने के काबिल है। उन्होंने आगे बोलते हुए कहा कि सहिष्णुता विवेकानंद के संदेश का मूलतत्व है। इसलिए हिन्दुओं को यह मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने ही देश और अपनी ही जमीन में कश्मीरी पंडित शरणार्थी की तरह रह रहे हैं। इसके बावजूद उन्होंने 28 वर्षों से सहिष्णुता दिखाई है।

भारत में तीखी प्रतिक्रिया

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर हमला करते हुए अखिल भारतीय मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि "आरएसएस अन्य लोगों को कुत्तों बताकर और खुद को बाघ साबित कर अन्य लोगों को कम करने की कोशिश कर रहा है।" उन्होंने कहा कि यह आरएसएस की भाषा रही है और लोग इसे जल्दी अस्वीकार कर देंगे। बहुजन महासंघ नेता प्रकाश अम्बेडकर ने दावा किया कि "कुत्ते" का संदर्भ देश में "विपक्षी दलों" के लिए था। अम्बेडकर ने कहा, "मैं मोहन भागवत की इस मानसिकता की निंदा करता हूं कि उन्होंने देश में विपक्षी दलों को कुत्तों के रूप में संदर्भित किया है।" कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने भी आरएसएस प्रमुख के बयान की निंदा कि और आरोप लगाया कि इसकी विचारधारा "हिंदू विरोधी" है।

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