आतंकी संगठनों के खिलाफ भारत के साथ आया रूस, कहा-तेज होगी आतंक के खिलाफ कार्रवाई

Mohit sharma

Publish: Sep, 12 2017 02:30:00 PM (IST)

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आतंकी संगठनों के खिलाफ भारत के साथ आया रूस, कहा-तेज होगी आतंक के खिलाफ कार्रवाई

रूस के अधिकारी सर्गेइ कर्मालिटो ने कहा कि इन आतंकी संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नई दिल्‍ली। चीन के जियामेन में हुए ब्रिक्स सम्मेलन के घोषणा पत्र में पाकिस्‍तानी आतंकी गुटों का नाम सार्वजनिक होने का रूस ने स्वागत किया है। रूस के अधिकारी सर्गेइ कर्मालिटो के अनुसार ब्रिक्स घोषणा पत्र में आतंकी संगठनों का नाम लिया जाना अपने आप में एक महत्‍वपूर्ण कदम है। सर्गेई ने यह भी कहा कि इन आतंकी संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि ब्रिक्स सम्मेलन में सदस्य देशों ने आतंक और आतंकी संगठनों की कड़ी निंदा की थी। इस दौरान लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) जैसे पाकिस्तान पोषित आतंकी संगठनों का नाम अपने घोषणापत्र में शामिल किया।

सुषमा स्वराज ने की थी रूस से अपील

राजनयिक सूत्रों के मुताबिक रूस का मानना है कि अजहर मामले पर चीन जल्द ही भारत के साथ आ सकता है। सूत्रों के मुताबिक चीन को पता है कि उसकेपास अजहर मामले में सीमित ताकतें ही मौजूद हैं। जबकि एनएसजी और सीपीइसी इससे बिल्कुल जुदा मुद्दे हैं। बता दें कि भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने इस साल के शुरुआत में ही एनएसजी में भारत की सदस्यता को लेकर रूस से चीन को मनाने की सार्वजनिक तौर पर अपील की थी।

भारत के सामने ये होगी चुनौती

दरअसल, ब्रिक्स देशों में आतंकी संगठनों को सतह पर लाने के बाद अब भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती जैश प्रमुख मौलाना अजहर मसूद को संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकी घोषित करवाना है। बता दें कि जैश भारत में पठानकोट व उरी आतंकी हमले का मुख्य दोषी है और भारत का लक्ष्य उसको इंटरनेशन आतंकी संगठन घोषित कराना है। वहीं पाकिस्तान से नजदीकी होने के चलते चीन की ओर प्रयास किए जा रहे हैं कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंधित लिस्‍ट में अजहर का नाम शामिल न हो। हालांकि रूस के साथ आने से अब भारतीय खेमें में उम्मीद जगी है कि भारत को अजहर मामले में देर सबेर चीन का समर्थन हासिल हो सकता है।

 

 

 

 

 

 

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