Russian MiG-31 Jet ने बैरेंट समुद्र के ऊपर दो अमरीकी और ब्रिटिश विमान को रोका

HIGHLIGHTS

  • रूसी रक्षा मंत्रालय ( Russian Defense Ministry ) ने गुरुवार को एक बयान में कहा है कि उसके मिग-31 फाइटर जेट ने दो अमरीकी और ब्रिटिश विमानों को बैरेंट्स सागर के ऊपर रोक दिया।
  • मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि गुरुवार को रूसी हवाई सुरक्षा ने दो हवाई लक्ष्यों का पता लगाया था जो रूसी राज्य की सीमाओं के करीब पहुंच रहे थे।

मॉस्को। रूस के नेशनल डिफेंस कंट्रोल सेंटर ( Russia’s National Defense Control Center ) ने गुरुवार को बताया कि एक रूसी मिग-31 लड़ाकू विमान ने बैरेंट समुद्र के ऊपर नार्वे के सैन्य विमान को रोक दिया। सेंटर ने बताया कि रूस के रडार पर गुरुवार को राज्य की सीमा की ओर उड़ान भरने वाले एक हवाई जहाज का पता चला, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए बैरेंट सागर के ऊपर ही उसे रोक दिया।

राष्ट्रीय रक्षा नियंत्रण केंद्र ने कहा कि रूसी लड़ाकू विमान चालक दल ने एयर टारगेट की पहचान नॉर्वे के वायु सेना पी-3 सी ओरियन समुद्री गश्ती विमान के रूप में की है। नार्वे के सैन्य विमान के रूस की राज्य सीमा से दूर जाने के बाद मिग-31 लड़ाकू विमान सुरक्षित रूप से वापस अपने हवाई क्षेत्र में लौट आया।

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राष्ट्रीय रक्षा नियंत्रण केंद्र ने आगे बताया कि रूसी लड़ाकू विमानों ने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने के अंतर्राष्ट्रीय नियमों का कड़ाई से अनुपालन करते हुए उड़ान भरी थी। केंद्र ने आगे जोर देते हुए बताया कि नार्वे के सैन्य विमान को रूस की राज्य सीमा का उल्लंघन करने की अनुमति नहीं थी।

अमरीकी और ब्रिटिश विमानों को खदेड़ा वापस

इधर रूसी रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान में कहा है कि उसके मिग-31 फाइटर जेट ने दो अमरीकी और ब्रिटिश विमानों को बैरेंट्स सागर के ऊपर रोक दिया। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि गुरुवार को रूसी हवाई सुरक्षा ने दो हवाई लक्ष्यों का पता लगाया था जो रूसी राज्य की सीमाओं के करीब पहुंच रहे थे।

उत्तरी बेड़े से संबंधित एक मिग-31 लड़ाकू ने दोनों विमानों की पहचान करने के बाद रूसी राज्य की सीमाओं के उल्लंघन को रोकने के उद्देश्य से उड़ान भरी। बयान में आगे यह भी कहा गया कि रूसी लड़ाकू दल ने दो हवाई लक्ष्यों की पहचान की। पहचान किए गए दोनों विमान में से एक अमरीकी वायु सेना के RC-135 रणनीतिक टोही विमान और दूसरा ब्रिटिश वायु सेना का R1 प्रहरी टोही विमान था।

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बयान के मुताबिक, अमरीकी और ब्रिटिश विमानों के वापस लौटने के बाद रूसी लड़ाकू विमान अपने स्थायी स्टेशन पर लौट आया। रक्षा मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि मिग-31 ने अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करते हुए उड़ान भरी थी। हाल के महीनों में, रूसी सेनाओं ने रूस की सीमाओं के पास कई बार दूसरे देशों के टोही उड़ानों को उड़ान भरते देखा है।

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Anil Kumar
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