सिंगापुर का हिंदू धर्मस्व बोर्ड का फैसला, मंदिर में सोने की वस्तुओं पर नजर रखने के लिए बनाए जाएंगे कड़े नियम

  • सिंगापुर का हिंदू धर्मस्व बोर्ड (एचईबी) उन चार मंदिरों में स्वर्ण वस्तुओं पर निगरानी बढ़ाने के लिए कदम उठा रहा है, जिनका वह प्रबंधन करता है।
  • ये फैसला सिंगापुर में हिंदू पुजारी पर मंदिर का सोना गिरवी रख 15 लाख डॉलर जुटाए के आरोप के बाद लिया गया है

नई दिल्ली। कुछ दिनों पहले सिंगापुर में सबसे प्राचीन हिंदू मंदिर के मुख्य पुजारी पर मंदिर के आभूषणों को गिरवी रखकर रकम जुटाने का आरोप लगा था। श्री मरिअम्मन मंदिर के मुख्य पुजारी कांडासामी सेनापति (37) पर आपराधिक विश्वास भंग का आरोप लगाया गया था।

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खबरों के मुताबिक पुजारी पर भ्रष्टाचार, मादक पदार्थ की तस्करी समत कई गंभीर अपराध के आरोप लगे थे। इसके अलावा उनपर मंदिर से स्वर्ण आभूषण निकाल उन्हें दुकानों में गिरवी रखकर रकम जुटाने का आरोप भी लगा थे।

इस को अब एक हफ्ते से उपर हो चुका है। अब इस मामले में सिंगापुर के संस्कृति, समुदाय एवं युवा मामलों के मंत्री एडविन टोंग ने हिंदू धर्मस्व बोर्ड (HEB) उन चार मंदिरों में स्वर्ण वस्तुओं पर निगरानी बढ़ाने के लिए कदम उठाने का फैसला लिया है।

मंत्री ने सोमवार को कहा कि मंदिरों की प्रबंधन समितियां अपने मंदिरों में सोने की वस्तुओं पर निगरानी को कड़ा करेंगी। इसके साथ ही एचईबी हर साल अधिक लेखा परीक्षा करेगा।

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एडविन टोंग ने कहा कि एचईबी उन चार मंदिरों में स्वर्ण वस्तुओं पर निगरानी बढ़ाने के लिए कदम उठा रहा है, जिनका वह प्रबंधन करता है। टोंग ने कहा देश के सबसे प्राचीन हिंदू मंदिर के आभूषणों को गिरवी रखकर रकम जुटाने के लिए भारतीय पुजारी कंडासामी सेनापति (37) पर आपराधिक विश्वासघात का आरोप लगाया गया है।

अभियोजकों के अनुसार, कंडासामी ने 15 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक के गहने दुकान पर गिरवी रखे थे। इस मालमें में 15 मार्च को सुनवाई होनी है। अगर कोर्ट सेनापति को दोषी पाता है तो उन्हें 15 साल जेल की सजा हो सकती है।

Vivhav Shukla
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