China की कंपनी का दावा, कोरोना वैक्सीन के दो क्लीनिकल ट्रायल सफल रहे

Highlights

  • कोरोना के टीके (Corona Vaccine) के परीक्षणों के लिए 18 से 59 आयु वर्ग के कुल 743 स्वस्थ स्वयंसेवियों (वालंटियर) को चुना गया था।
  • इस ट्रायल में 143 लोग पहले चरण और 600 लोग दूसरे चरण में शामिल थे।

बीजिंग। कोरोना वायरस (Coronavirus) की वैक्सीन बनाने वाली चीनी कंपनी सिनोवैक बायोटेक (Sinovac Biotech Vaccine) का दावा है कि उसकी वैक्सीन ने पहले और दूसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल पास कर लिए हैं। 'कोरोनावैक' (CoronaVac Vacc) टीके के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। बीजिंग स्थित इस कंपनी ने एक बयान में कहा कि यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकता है। इस टीके के परीक्षणों के लिए 18 से 59 आयु वर्ग के कुल 743 स्वस्थ स्वयंसेवियों (वालंटियर) को चुना गया था।

'मरीजों पर कोई साइड इफेक्ट नहीं'

कंपनी ने अपने बयान में कहा है कि इनमें से 143 लोग पहले चरण और 600 लोग दूसरे चरण में शामिल थे। परीक्षण में शामिल लोगों को दो इंजेक्शन दिए गए। 14 दिन के परीक्षण के दौरान उन पर दवा का कोई दुष्प्रभाव नहीं देखा गया। कंपनी को उम्मीद है कि जल्द ही दूसरे चरण की क्लीनिकल अध्ययन रिपोर्ट और चरण तीन क्लीनिकल अध्ययन की रिपोर्ट चीन के राष्ट्रीय चिकित्सा उत्पाद प्रशासन (एमएमपीए) को सौंपी जाएगी।

कोरोना के खिलाफ बड़ी जीत का दावा

सिनोवैक के अध्यक्ष और सीईओ वेइदोंग यिन के अनुसार हमारे चरण एक और दो के अध्ययन से पता चलता है कि कोरोनावैक सुरक्षित और असरदार है। यह प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकता है। चरण एक और दो क्लीनिकल अध्ययन के अनुसार ये एक बड़ी कामयाबी है। ये दवा कोविड से लड़ने में कारगर साबित होगी। पहले और दूसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल के प्रारंभिक नतीजे सकारात्मक हैं। वुहान इंस्टिट्यूट और बीजिंग इंस्टिट्यूट अलग-अलग वैक्सीन के उत्पादन के लिए प्लांट को बढ़ाने पर विचार कर रही हैं।

Mohit Saxena
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