जांच एजेंसियों का बड़ा खुलासा, स्प्रिंग थंडर टूर कर नक्सली रच रहे हैं ये साजिश

जांच एजेंसियों का बड़ा खुलासा, स्प्रिंग थंडर टूर कर नक्सली रच रहे हैं ये साजिश

ये जानकारी खुफिया एजेंसी की ओर से मिल रही है।

नई दिल्ली। नक्सलियों के बारे में एक चौंकाने वाली जानकारी मिली है। ये जानकारी खुफिया एजेंसी की ओर से मिल रही है। दरअसल खुफिया एजेंसियों को सूचना मिली है कि नक्सली स्प्रिंग थंडर टूर नाम का ऑपरेशन चला रहे हैं।

ये है समूह का मकसद

मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि इसका मकसद नक्सलियों के पक्ष में दुनिया भर के देशों से समर्थन जुटाना है। इसके अलावा इस टूर का मकसद पैसे इकट्ठा करना और भारत को बदनाम करना है। कहा ये भी जा रहा है कि इसके कुछ नक्सल समर्थित गुटों ने दुनिया के कई देशों के नक्सली समूहों के साथ मिलकर इस संबंध में नई रणनीति भी तैयार की है।

नक्सल समर्थित गुटों के नामों का भी हो चुका है खुलासा

आपको बता दें कि गृह मंत्रालय के सूत्रों की माने तो एजेंसियों के पास भारत के उन नक्सल समर्थित गुटों के नामों का भी खुलासा हो चुका है। ये गुट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नक्सल समर्थित गुटों के साथ मिलकर के भारत के खिलाफ षडयंत्र करने में शामिल हैं। कुछ मीडिया संस्थानों के पास नक्सलियों की ओर से रची जा रही इस पूरी साजिश की जानकारी हाथ लगी है।

बीते अप्रैल को भारतीय दूतावास के सामने किया था प्रदर्शन

रिपोर्ट के अनुसार स्प्रिंग थंडर टूर के तहत बीते 23 अप्रैल को जर्मनी के बर्लिन और हैमबर्ग में नक्सल समर्थित भारत के एक समूह ने स्विटजरलैण्ड के समूह के साथ भारतीय दूतावास के सामने प्रदर्शन किया। इसके अलावा फ्रांस में भी 12 अप्रैल को इन नक्सली समर्थक समूहों ने भारत के खिलाफ फेसबुक, ब्लॉग में भी कैंपेन चलाई थी। जिसमें उन्होंने ये कहा था कि किस तरीके से सुरक्षा बल बेगुनाह लोगों की जान ले रहे हैं। उन्होंने ये भी जताने की कोशिश की कि वे नक्सली लोगों की मदद कर रहे हैं।

पड़ताल में जुटी हुई हैं जांच एजेंसियां

फिलहाल जांच एजेंसियां ये पता लगाने की कोशिश में जुटी हुई है कि भारत के नक्सल समर्थित समूहों को देश से कौन सहायता पहुंचा रहा है। साथ ही ये भी पता लगाया जा रहा है कि बाहरी देशों से उनका मददगार कौन हैं। जांच में कुछ विदेशी लोग भी एजेंसियों के रडार में आए हैं। ये वो लोग हैं जिन्होंने पिछले कुछ महीनों में कई बार भारत यात्रा की है। साथ ही इनका मकसद भी नक्सलियों की मदद करना है।

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