स्टीफन हॉकिंग ने कहा था, ब्रह्मांड समझा पर महिलाएं समझ में नहीं आईं

स्टीफन हॉकिंग ने कहा था, ब्रह्मांड समझा पर महिलाएं समझ में नहीं आईं

स्टीफन हॉकिंग ने एक बार बच्चों को सलाह देते हुए कहा था कि खुद को खुशकिस्मत समझना अगर आपको जिंदगी में प्यार मिले।

नई दिल्ली। हमारे दौर के सबसे महान वैज्ञानिकों में से एक स्टीफन हॉकिंग ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है। स्टीफन ने पूरी दुनिया को अपनी खोज से अचंभित कर दिया। वो अतीत के जाने का रास्ता और भविष्य में जाने का शॉर्टकट खोजना चाहते थे। उन्होंने ब्लैकहोल और बिग बैंक थ्योरी को समझा और दुनिया को समझाने का काम किया। लेकिन दुनिया का ये महान वैज्ञानिक अपने अंतिम समय तक महिलाओं के रहस्य को नहीं समझ पाया। ये बात उन्होंने एक इंटरव्यू में खुद स्वीकार किया था।

'टाइम मशीन होता तो मर्लिन से मिलता'
स्टीफन हॉकिंग हॉलीवुड की सबसे खूबसूरत अदाकारा मर्लिन मुनरो के दिवाने थे। वो कहते थे कि मुझे गुजरे जमाने की यात्रा करनी है। हॉकिंग ने कहा था कि अगर उनके पास टाइम मशीम होती तो वो मार्लिन मुनरो से मिलने जरुरत जातें। उनके साथ एक लॉन्ग ड्राइवर करना चाहते थे।

'महिलाएं पूर्ण रहस्य हैं'
पूरी दुनिया को ब्रह्मांड के रहस्यों से रुबरु करवाने वाले स्टीफन हॉकिंग एक रहस्य नहीं सुलझा पाए थे। स्टीफन ने एकबार कहा था कि मैं बेशक ब्लैकहोल और बिग बैंक थ्योरी दुनिया को समझा रहा हूं लेकिन मैं महिलाओं के रहस्य को आजतक नहीं समझ पाया। महिलाएं अभी भी पूर्ण रहस्य ही हैं।

'रिश्ते हैं जीने की वजह'
हॉकिंग ने एक इंटरव्यू में कहा था कि जेन के साथ रिश्ते ? ने उन्हें 'जीने की वजह' दी थी। हॉकिंस ने एक बार बच्चों को सलाह देते हुए कहा था कि खुद को खुशकिस्मत समझना अगर आपको जिंदगी में प्यार मिले और इसे कभी भी अपनी जिंदगी से बाहर मत जाने देना। जेन और हॉकिंस की जिंदगी में प्यार ने एक नहीं बल्कि 2 बार दस्तक दी थी। 1980 के दशक में हॉकिंग की देख-रेख के लिए एक नर्स को रखा गया था, हॉकिंग की इस नर्स के समर्पण और हॉकिंग के प्रति प्रोटेक्टिव एटीट्यू़ड ने दोनो को नज़दीक ला दिया तब 1995 में हॉकिंग ने अपनी पहली पत्नी जेन से तलाक लेकर अपनी नर्स mason से शादी की।

डॉक्टर हार गए लेकिन स्टीफन जीत गए
स्टीफन हॉकिंग को 21 साल की उम्र में जब अपनी जिंदगी के सबसे भयावह सच यानि मोटर न्यूरॉन का पता चला था उसके पहले उन्हे अपने साथ पढ़ने वाली जेन वाइल्ड से प्यार हो चुका था। बीमारी का पता चलने पर डॉक्टर्स ने हार मान ली थी और उन्हें सिर्फ चंद सालों का मेहमान बताया था, लेकिन ऐसे वक्त में जेन हॉकिंस के साथ मजबूती से खड़ी रही और 1965 में दोनों ने शादी कर ली। जेन से शादी करने के बाद हॉकिंग 3 बच्चों के पिता बने। बीमारी के कारण परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी जेन के ऊपर थी, हॉकिंग ने अपनी अक्षमता को वरदान माना और कहा कि बीमारी के कारण ही वो फिजिक्स की थ्यौरीज पर ज्यादा काम कर पाए।

Ad Block is Banned