सूडान: सेना और प्रदर्शनकारियों के बीच बनी सहमति, 3 साल में सत्ता हस्तांतरण पर दोनों पक्ष सहमत

सूडान: सेना और प्रदर्शनकारियों के बीच बनी सहमति, 3 साल में सत्ता हस्तांतरण पर दोनों पक्ष सहमत

Anil Kumar | Publish: May, 16 2019 01:43:19 AM (IST) | Updated: May, 16 2019 01:47:23 PM (IST) विश्‍व की अन्‍य खबरें

  • सूडान में सेना और प्रदर्शनकारियों के बीच सत्ता हस्तांतरण को लेकर सहमति बन गई है।
  • प्रदर्शनकारी सैन्य शासन के खिलाफ आर्मी हेडक्वॉर्टर के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे।
  • राष्ट्रपति उमर अल-बशीर को अपदस्थ करने के बाद 11 अप्रैल को सेना ने सत्ता की बागड़ोर संभाली थी।

खार्तूम। सूडान ( Sudan ) में सत्ता हस्तांतरण को लेकर चल रहे संघर्ष के बीच बुधवार को प्रदर्शनकारियों और सैन्य शासकों के बीच एक सहमति बनी है। दरअसल, सूडान में पूर्ण नागरिक प्रशासन को सत्ता हस्तांतरण को लेकर देशभर में प्रदर्शन किया जा रहा है। अब सैन्य शासकों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीन साल की बदलाव अवधि पर सहमति बन गई है। बीते 30 वर्षों से सत्ता में काबिज उमर अल-बशीर ( Omar al-Bashir ) को इसी साल सत्ता से बेदखल करने के बाद सेना ने सत्ता की बागडोर संभाल ली थी। हालांकि आम नागरिक इसको लेकर खुश नहीं थे और नागिरक प्रशासन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। सैन्य सत्ता संभालने वाली सैन्य परिषद के सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल यासिर अल अत्ता ने जानकारी देते हुए बताया है कि ‘हम 3 साल की बदलाव अवधि के लिए सहमत हो गए हैं।’ उन्होंने यह भी बताया कि अगले 24 घंटे के अंदर सारी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और प्रदर्शनकारी समूह अलायन्स फॉर फ्रीडम एंड चेंज के साथ हस्ताक्षर भी किए जाएंगे। साथ ही अगली शासन व्यवस्था द सॉवेरिन काउंसिल के गठन समेत सत्ता साझा करने के संबंध में भी फैसला कर लिया जाएगा। अत्ता ने कहा कि हम देश की जनता से कहना चाहते हैं कि दोनों पक्षों के बीच यह समझौता अगले 24 घंटे के अंदर पूरा कर लिया जाएगा और यह समझौता इस तरह से होगा, जिससे कि सरकार आम नागिरकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरे और उनकी आशा पूरी हो सके।

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सैन्य शासन के खिलाफ प्रदर्शन

बता दें कि बीते 30 वर्षों तक सत्ता में काबिज रहने वाले राष्ट्रपति उमर अल-बशीर के खिलाफ सूडान की जनता ने प्रदर्शन शुरू कर दिया और उनको सत्ता से बेदखल करने का मांग तेज होने लगी। लिहाजा आर्मी ने इसका फायदा उठाकर बशीर को सत्ता से बेदखल कर सलाखों के पीछे डाल दिया। उसके बाद 11 अप्रैल को सैन्य परिषद के सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल यासिर अल अत्ता की अगुवाई में सेना ने सत्ता संभाल ली। इसको लेकर एक बार फिर से सूडान की जनता ने आंदोलन शुरू कर दिया और पूर्णरूप से नागरिक सरकार की मांग की। कई सप्ताह से प्रदर्शनकारी आर्मी हेडक्वॉर्टर के बाहर डटे हुए हैं और सैन्य शासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच आर्मी जनरल ने दो साल में सत्ता हस्तांतरण को लेकर एक प्रस्ताव रखा। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने इससे इनकार कर दिया और 4 साल के वक्त की मांग की। बहरहाल अब अत्ता के बयान के मुताबिक दोनों पक्षों में तीन साल में सत्ता हस्तांतरण को लेकर सहमति बनी है। बता दें कि सूडान में प्रदर्शन के दौरान कई बार हिंसा देखने को मिली और इसमे कई लोगों की जान भी गई।

 

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