तालिबान ने जारी किया पहला फतवा, को-एजुकेशन को बताया सारी बुराईयों की जड़

अफगानिस्तान इस्लामिक अमीरात के उच्च शिक्षा प्रमुख मुल्ला फरीद ने तालिबान का प्रतिनिधित्व करते हुए कहा कि सह-शिक्षा समाप्त की जानी चाहिए क्योंकि यह समाज में सभी बुराईयों की जड़ है।

नई दिल्ली। अफगानिस्तान की सत्ता पर कब्जा करने के बाद तालिबान दुनिया के सामने अपने आपको उदारवादी और पहले से अधिक आधुनिक दिखाने का प्रयास कर रहा है।हालांकि वहां से आ रही मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तालिबान अभी भी पहले जैसा ही है। महिलाओं की स्थिति बहुत अधिक खराब हो चुकी है। स्कूलों को बंद किया जा चुका है परन्तु खुद के प्रचार प्रसार के लिए तालिबान को इंटरनेट और सोशल मीडिया से कोई परहेज नहीं है। तालिबान ने अपने पहले ही फतवे में सह-शिक्षा को सभी बुराईयों की जड़ बताते हुए इसे तुरंत रोक दिया है।

लड़के-लड़कियों की अलग कक्षा
अफगानिस्तान में तालिबान की ओर से जारी पहले फतवे में अफगानिस्तान के हेरात प्रांत में सरकारी व निजी विश्वविद्यालयों में लड़कों और लड़कियों को अलग-अलग कक्षा में बैठने का फरमान सुनाया गया है। व्याख्याताओं व संचालकों के साथ एक बैठक में अफगानिस्तान इस्लामिक अमीरात के उच्च शिक्षा प्रमुख मुल्ला फरीद ने तालिबान का प्रतिनिधित्व करते हुए कहा कि सह-शिक्षा समाप्त की जानी चाहिए क्योंकि यह समाज में सभी बुराईयों की जड़ है।

यह भी पढ़ें : भारत का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, काबुल से सुरक्षित निकाले गए 135 भारतीय जल्द आएंगे भारत

लड़कियों को ताबूत में डाल कर भेज रहे हैं
अफगानिस्तान की एक पूर्व जज नजला अयूबी का कहना है कि तालिबान के सुरक्षा के सारे वादे झूठे हैं और वे महिलाओं से बहुत बुरा व्यवहार और हिंसा कर रहे हैं। अयूबी ने स्काई न्यूज को बताया है कि वे अफगानिस्तान की महिलाओं के संपर्क में हैं और उन्हें तालिबानी हिंसा के कई उदाहरण मिले हैं। एक महिला को इसलिए जिंदा जला दिया गया क्योंकि तालिबानी लड़ाकों को उसका बनाया खाना स्वादिष्ट नहीं लगा था। यही नहीं, देह व्यापार के लिए तालिबान जिंदा लड़कियों को ताबूत में डालकर पड़ोसी देशों में भेज रहा है। अयूबी तालिबान से जान बचाकर बहुत पहले अमरीका आ चुकी हैं।

यह भी पढ़ें : रूस, चीन और पाकिस्तान के बाद ब्रिटेन ने भी कहा, हम तालिबान के साथ काम करने को तैयार हैं

सोशल मीडिया को बनाया प्रचार-प्रसार का हथियार
कभी अफगानिस्तान में इंटरनेट पर प्रतिबंध लगाने वाला तालिबान अब अपने संदेश प्रसारित करने के लिए खुद सोशल मीडिया का सहारा ले रहा है। अपने अभियान में तालिबानियों ने अफगान सुरक्षा बलों के हथियार डालने वाले वीडियो वायरल करने से लेकर काबुल जीतने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस का सीधा प्रसारण किया है। तालिबान हजारों सोशल मीडिया खातों का उपयोग कर रहा है। इनमें से कई पर बैन भी लग रहा है, लेकिन उतनी ही तेजी से नए अकाउंट भी खुल रहे हैं।

सुनील शर्मा
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned