तालिबान ने कहा, कश्मीर के मुसलमानों के लिए आवाज उठाना हमारा अधिकार

तालिबान के प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने कहा कि मुस्लिम होने के नाते हम भारत के कश्मीरी मुसलमानों सहित पूरी दुनिया के मुसलमानों की आवाज बनने का अधिकार रखते हैं।

नई दिल्ली। अफगानिस्तान में भारत विरोधी आतंकी समूहों को शरण दिए जाने को लेकर भारत की चिंता के बीच तालिबान ने कहा है कि हम कश्मीर सहित पूरे विश्व के मुसलमानों के लिए आवाज उठाने का अधिकार रखते हैं। हालांकि तालिबान ने कहा कि हम किसी भी देश के खिलाफ जंग नहीं छेड़ना चाहते हैं।

एक अन्तरराष्ट्रीय मीडिया चैनल को दिए गए इंटरव्यू में तालिबान के प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने कहा कि मुस्लिम होने के नाते हम भारत के कश्मीरी मुसलमानों सहित पूरी दुनिया के मुसलमानों की आवाज बनने का अधिकार रखते हैं। हम अपनी आवाज उठाएंगे और कहेंगे कि मुस्लिम भी आपके ही नागरिक हैं, अपने देश के कानूनों के तहत उन्हें बराबरी का अधिकार मिलना चाहिए।

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शाहीन का यह बयान तालिबान के उस पिछले बयान से बिल्कुल अलग है जिसमें आतंकी समूह ने कहा था कि कश्मीर भारत, पाकिस्तान के बीच का मुद्दा है और इन दोनों देशों को ही इसे बातचीत के जरिए सुलझाना चाहिए।

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भारत ने कहा, आतंकी कामों के लिए न हो इस्तेमाल
भारतीय विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि भारत का जोर अभी यह सुनिश्चित करने पर है कि अफगानिस्तान की धरती का उपयोग भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों के लिए न हों। इसी मुद्दे पर दो दिन पहले कतर में भारतीय राजदूत दीपक मित्तल ने तालिबान के नेता मोहम्मद स्टेनकजई से बातचीत की थी जो सकारात्मक रही। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची के अनुसार ज्यादातर भारतीयों की वापसी हो चुकी है। निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि कितने भारतीय अफगानिस्तान में बाकी है। माना जा रहा है कि लगभग 20 भारतीय नागरिक अभी भी वहां पर फंसे हुए हैं।

सुनील शर्मा
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