भगवान का चमत्कार या फिर विज्ञान की देन, पहली बार ट्रांसजेंडर की गोद में गूंजेगी किलकारी

भगवान का चमत्कार या फिर विज्ञान की देन, पहली बार ट्रांसजेंडर की गोद में गूंजेगी किलकारी

ट्रांसजेंडर महिला बच्चे को अपना दूध पिला सके, इसके लिए डॉक्टरों ने महिला के हार्मोन लेवल में असाधारण बदलाव कर एक्सपेरिमेंट किए हैं।

नई दिल्ली। चमत्कारों की इस दुनिया में आए दिन दुनिया भर के चमत्कार होते रहते हैं। धरती पर हो रहे इन चमत्कारों में कुछ तो प्राकृतिक होते हैं तो वहीं कुछ विज्ञान की भी देन होती है। लेकिन आज हम विज्ञान के चमत्कार के बारे में बताने जा रहे हैं। जो निश्चित रूप से आपको हिलाकर रख देगा। आपने ट्रांसजेंडर्स के बारे में बहुत सुना होगा, लेकिन आप इस बात पर जल्दी यकीन नहीं कर पाएंगे कि अब ट्रांसजेंडर्स भी एक बच्चे को स्तनपान करा सकेंगे। जी हां, आपने बिल्कुल ठीक पढ़ा। और खास बात तो यह है कि इस चमत्कार को पूरा कर भी लिया गया है।

विज्ञान के चमत्कार और डॉक्टरों की मेहनत के बाद एक ट्रांसजेंडर महिला विश्व में पहली बार एक बच्चे को स्तनपान करा सकती है। इस ट्रांसजेंडर महिला की उम्र अभी 30 साल है। बताते चलें कि इस महिला ने किसी बच्चे को जन्म नहीं दिया है। ट्रांसजेंडर महिला बच्चे को अपना दूध पिला सके, इसके लिए डॉक्टरों ने महिला के हार्मोन लेवल में असाधारण बदलाव कर एक्सपेरिमेंट किए हैं। दुनिया के सबसे बड़े चमत्कारों में से यह चमत्कार न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई सेंटर फॉर ट्रांसजेंडर मेडिसिन एंड सर्जरी के महान डाक्टरों ने कर डाला है।

डॉक्टरों की इस सफलता के बाद विश्व की पहली ट्रांसजेंडर महिला बच्चे को लगातार 6 महीने तक दूध पिला सकेगी। ट्रांसजेंडर महिला को लेकर एक्सपेरिमेंट करने वाले डॉक्टर रीसमैन की मानें तो वह अपने इस एक्सपेरिमेंट से पूरी तरह संतुष्ट हैं। वे बेहद खुश हैं उनके इस एक्सपेरिमेंट से एक ट्रांसजेंडर महिला बच्चे को अपना दूध पिला सकेगी। ऐसा चमत्कार करने वाली डॉक्टरों की एक बेहद स्मार्ट टीम ने बताया कि अभी कुछ समय पहले ही उनके पाल एक ट्रांसजेंडर महिला आई थी, जो अपने एक पार्टनर के बच्चे को जन्म देने वाली थी। लेकिन उस समय तो वह बच्चे को स्तनपान करना नहीं चाहती थी, फिर बाद में उसका मूड बदल गया।

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