भारत और रूस की नजदीकियों से फिर बौखलाया अमरीका, एस-400 के सौदे को लेकर दी बड़ी चेतावनी

भारत और रूस की नजदीकियों से फिर बौखलाया अमरीका, एस-400 के सौदे को लेकर दी बड़ी चेतावनी

Mohit Saxena | Publish: Jun, 15 2019 07:58:56 AM (IST) | Updated: Jun, 15 2019 06:51:05 PM (IST) विश्‍व की अन्‍य खबरें

  • भारत की रूस से बढ़ती करीबी से नाखुश है अमरीका
  • एस-400 मिसाइल रक्षा तंत्र के आने से भारत की रक्षा प्रणाली में आएगी मजबूती
  • अमरीका नहीं चाहता है कि दक्षिण एशियाई देशों में उसकी पकड़ कमजोर हो

वाशिंगटन। ट्रंप प्रशासन ने भारत की रूस से बढ़ती करीबी पर कड़ा ऐतराज जताया है। उसने चेतावनी दी है कि भारत अगर रूस से लंबी दूरी का एस-400 मिसाइल रक्षा तंत्र खरीदता है तो उसे मिलने वाले अमरीकी सहयोग पर असर पड़ सकता है। अमरीका ने भारत को आश्वासन दिया है कि वह उसकी रक्षा जरूरतों को पूरा कर सकता है।गौरतलब है कि हाल ही में किर्गिस्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक के दौरान मोदी ने रूस के साथ कई समझौते किए है। रूस से बढ़ती करीबी को देखकर अमरीका के माथे पर बल पड़ गए हैं। अमरीका चाहता है कि दक्षिण एशियाई देशों में उसका अस्तित्व कम न हो।

अमरीका: व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा छोड़ेंगी पद, राष्ट्रपति ट्रंप ने की घोषणा

 

s-400

हथियारों की होड़ से बचा जा सके

विदेश मंत्रालय की विशेष अधिकारी एलिस जी वेल्स के अनुसार भारत की रूसी हथियारों पर निर्भरता पुराने समय से है। उन्होंने कहा कि प्रशासन चाहता है कि यह निर्भरता कम हो ताकि हथियारों की होड़ से बचा जा सके। ट्रंप प्रशासन का यह बयान अमरीकी विदेश मंत्रालय द्वारा कुछ सप्ताह पहले दी गई ऐसी ही चेतावनी के बाद आया है। मंत्रालय ने कहा था कि भारत के रूस से मिसाइल तंत्र खरीद पर भारत-अमेरिका के संबंध पर असर डालेगा। वेल्स ने कहा कि एस-400 से भारत के पड़ोसी देशों में भी इस हथियार की होड़ मचेगी। इसके साथ भारत रूस पर हथियारों के मामले निर्भर नहीं होना चाहिए।

अमरीका का दावा: ईरान ने किए थे तेल टैंकरों पर हमले

क्या है एस-400

एस-400 रूस का सबसे आधुनिक सतह से हवा तक लंबी दूरी वाला मिसाइल रक्षा तंत्र है। मोदी और पुतिन के बीच बीते साल पांच अरब डॉलर में एस-400 हवाई रक्षा तंत्र खरीद सौदे पर समझौता हुआ था।

अमरीका: अबॉर्शन लॉ के बाद अलबामा में एक और सख्त कानून, रेपिस्टों को इंजेक्शन देकर नपुंसक बनाने की सजा

शून्य से 18 अरब डॉलर तक पहुंचा व्यापार

वेल्स ने कहा कि बीते दस वर्षों में भारत-अमरीका रक्षा व्यापार शून्य से 18 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि 10 साल पहले तक हम भारत को उतने सैन्य साजो सामान की पेशकश नहीं करते थे। आज हम उसे हर तरह के हथियार देने को तैयार हैं। भारत के साथ लगातार बातचीत हो रही है। अमरीका चाहता है कि वह भारत के साथ अपने रक्षा संबंध और मौजूद करे।

विश्व से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर ..

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned