अमरीकी-भारतीय विजय शंकर को Trump बना सकते हैं वाशिंगटन के टॉप कोर्ट का जज

HIGHLIGHTS

  • राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( President Donald Trump ) ने घोषणा की है कि उनका इरादा भारतीय-अमरीकी विजय शंकर ( Indian-American Vijay Shankar ) को राजधानी वाशिंगटन की सबसे ऊंची अदालत के जज के रूप में नॉमिनेट करने का है।
  • विजय शंकर डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ( Department of justice ) के क्रिमिनल डिविज़न में सीनियर लिटिगेशन काउंसल यानी वरिष्ठ अभियोग वकील के तौर पर काम करते हैं।

वॉशिंगटन। अमरीका ( America ) में एक के बाद एक बड़े पदों पर भारतीय मूल के नागरिकों को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( US President Donald Trump ) की सरकार में कई अमरीकी-भारतीय नागरिक ( Indian-American Citizen ) अहम पदों पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

अब एक बार फिर से एक अमरीकी-भारतीय नागरिक को राष्ट्रपति ट्रंप बहुत जल्द एक अहम जिम्मेदारी सौंपने वाले हैं। इशारों में वे इसकी जानकारी भी दे चुके हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की है कि उनका इरादा भारतीय-अमरीकी विजय शंकर ( Indian-American Vijay Shankar ) को राजधानी वाशिंगटन की सबसे ऊंची अदालत के जज के रूप में नॉमिनेट करने का है।

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उन्होंने कहा कि अगर सीनेट ( US Senate ) से इसके लिए मंजूरी मिल जाती है तो विजय शंकर को कोलंबिया कोर्ट ऑफ अपील्स का असोसिएट जज बना दिया जाएगा।

विजय शंकर ने 2012 में डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस किया था जॉइन

आपको बता दें कि विजय शंकर ने 2012 में डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ( US Department of Justice ) जॉइन किया था। फिलहाल वे डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस के क्रिमिनल डिविजन में सीनियर लिटिगेशन काउंसल यानी वरिष्ठ अभियोग वकील के तौर पर काम करते हैं। इतना ही नहीं, उसी जगह पर अपीलीय विभाग के डिप्टी चीफ का ओहदा भी संभालते हैं।

2012 से पहले वे वॉशिंगटन डीसी में मेयर ब्राउन के ऑफिस और LLC and Covington & Burling, LLP के साथ प्राइवेट प्रैक्टिस करते थे। लॉ स्कूल से ग्रेजुएट होने के बाद उन्होंने United States Court of Appeals for the Second Circuit में जज चेस्टर जे. स्ट्रॉब के लॉ क्लर्क के तौर पर काम किया था।

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विजय शंकर ने ड्यूक यूनिवर्सिटी से BA (सहप्रशंसा के साथ) किया। इसके बाद उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ वर्जीनिया स्कूल ऑफ लॉ से अपनी ज्यूरिस डॉक्टर की डिग्री ली। उन्होंने वहां पर वर्जीनिया लॉ रिव्यू के नोट्स ए़़डिटर के तौर पर भी काम किया था। साथ ही Order of the Coif के सदस्य भी थे, जो अमरीका में लॉ ग्रेजुएट्स की ऑनर सोसाइटी है। बता दें कि इससे पहले ट्रंप कई भारतीय-अमरीकी को अहम जिम्मेदारी सौंप चुके हैं।

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